मेवाड़ के खजुरिया श्याम दरबार में नववर्ष पर भजन संध्या:200 भजन गायकों ने दी प्रस्तुति, जय श्री भैरुनाथ के लगाए जयकारे
राजसमंद में भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध देवालय प्रभु श्री खजुरिया श्याम भैरुनाथ के दरबार में नववर्ष को लेकर बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वही रात्रि के समय भजन संध्या का आयोजन किया गया। आयोजन के दौरान भक्तों और श्रोताओं ने ‘जय श्री भैरुनाथ’ के जयकारे लगाए। कार्यक्रम की शुरुआत गणपति वंदना से हुई, जिसके बाद भजनों को क्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर 200 से अधिक भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। जैसे ही ‘ओ कान्हा अब तो मुरली की’ और ‘हारे का सहारा है मेरा खजुरिया श्याम भैरुनाथ’ जैसे भजन गूंजे, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भजनों की मधुर धुन और ढोलक की थाप पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। नववर्ष के प्रथम दिन बाबा के दर्शन के लिए झोर, गोवलिया, देवली, लापस्या, खंडेल, कुंवारिया, नेगड़िया खेड़ा, छापरी, सालेरा, कांगणी सहित आसपास एवं दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से बाबा खजुरिया श्याम भैरुनाथ का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया।
राजसमंद में भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध देवालय प्रभु श्री खजुरिया श्याम भैरुनाथ के दरबार में नववर्ष को लेकर बडी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वही रात्रि के समय भजन संध्या का आयोजन किया गया।
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आयोजन के दौरान भक्तों और श्रोताओं ने ‘जय श्री भैरुनाथ’ के जयकारे लगाए।
कार्यक्रम की शुरुआत गणपति वंदना से हुई, जिसके बाद भजनों को क्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर 200 से अधिक भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। जैसे ही ‘ओ कान्हा अब तो मुरली की’ और ‘हारे का सहारा है मेरा खजुरिया श्याम भैरुनाथ’ जैसे भजन गूंजे, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
भजनों की मधुर धुन और ढोलक की थाप पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। नववर्ष के प्रथम दिन बाबा के दर्शन के लिए झोर, गोवलिया, देवली, लापस्या, खंडेल, कुंवारिया, नेगड़िया खेड़ा, छापरी, सालेरा, कांगणी सहित आसपास एवं दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से बाबा खजुरिया श्याम भैरुनाथ का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार किया गया।