गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह शहीद में सजी रूहानी शाम, गुरबाणी के साथ हुआ 2026 का आगाज
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें प्रकाश पर्व (शताब्दी) को समर्पित और नववर्ष 2026 के आगमन पर बुधवार को पदमपुर रोड स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी शहीद द्वारा विशेष धार्मिक समागम का आयोजन हुआ। शाम को गुरुद्वारा में गुरु की गोद में कीर्तन दरबार सजाया गया। इस समागम में देर रात तक बड़ी संख्या में संगत ने शिरकत की और गुरु चरणों में हाजिरी लगाई। कार्यक्रम में दिल्ली से आए प्रसिद्ध रागी भाई सतपाल सिंह ने शब्द कीर्तन के माध्यम से संगत को नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के जीवन दर्शन और उनकी महान शहादत से जोड़ा। शाम 7 बजे से शुरू हुआ यह सिलसिला देर रात 12 बजे तक अनवरत चलता रहा। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 12 बजाए, पूरा दरबार हॉल बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से गूंज उठा। श्रीगंगानगर की संगत ने शोर-शराबे के बजाय गुरु की गोद में बैठकर, कीर्तन श्रवण करते हुए और सरबत के भले की अरदास के साथ नववर्ष 2026 का स्वागत किया।
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें प्रकाश पर्व (शताब्दी) को समर्पित और नववर्ष 2026 के आगमन पर बुधवार को पदमपुर रोड स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी शहीद द्वारा विशेष धार्मिक समागम का आयोजन हुआ। शाम को गुरुद्वारा मे
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इस समागम में देर रात तक बड़ी संख्या में संगत ने शिरकत की और गुरु चरणों में हाजिरी लगाई। कार्यक्रम में दिल्ली से आए प्रसिद्ध रागी भाई सतपाल सिंह ने शब्द कीर्तन के माध्यम से संगत को नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के जीवन दर्शन और उनकी महान शहादत से जोड़ा।
शाम 7 बजे से शुरू हुआ यह सिलसिला देर रात 12 बजे तक अनवरत चलता रहा। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 12 बजाए, पूरा दरबार हॉल बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से गूंज उठा। श्रीगंगानगर की संगत ने शोर-शराबे के बजाय गुरु की गोद में बैठकर, कीर्तन श्रवण करते हुए और सरबत के भले की अरदास के साथ नववर्ष 2026 का स्वागत किया।