जिले में हर माह 21 करोड़ यूनिट बिजली खपत, इसमें से 21%(4.51 करोड़ यूनिट) का सौर ऊर्जा से हो रहा उत्पादन
श्रीकांत पारीक | झुंझुनूं नए साल में बिजली कटौती से जिले को राहत मिल सकती है। साल 2026 में जिले में उपयोग में आने वाली बिजली का 50% उत्पादन सौर ऊर्जा से शुरू होने की उम्मीद है। इससे जिले में हर दिन खपत होने वाली 70 लाख यूनिट में से करीब 35 लाख यूनिट सोलर के जरिए पैदा होने लगेगी। पिछले 5 साल में सोलर के जरिए 21 फीसदी बिजली का उत्पादन होने लगा है। जिले में सोलर एनर्जी के बढ़ते उपयोग को लेकर दैनिक भास्कर ने आंकड़े खंगाले तो सामने आया कि अभी हर दिन 4.51 करोड़ यूनिट बिजली प्रतिदिन सूर्य ऊर्जा की मदद से तैयार हो रही है। सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए 2026 का साल काफी अहम साबित होने वाला है। वर्तमान में जिले में 178 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। इसमें पीएम सूर्य घर योजना में 30.43 मेगावाट, पीएम कुसुम के जरिए 51.06 मेगावाट, गैर अनुदानित श्रेणी में 30 मेगावाट और कृषि में 50 मेगावाट के प्लांट बिजली पैदा करने लगे हैं। इसके साथ निजी क्षेत्र में 24 मेगावाट और अन्य में 14 मेगावाट बिजली सोलर के जरिए पैदा होने लगी है। नए साल में 150 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट संचालित होने लगेंगे। इसमें पीएम सूर्य घर और कुसुम योजना में सोलर एनर्जी का उत्पादन दोगुना हो जाएगा। इसमें 10 हजार घरों के जरिए सोलर बिजली पैदा होगी। तो निजी क्षेत्र में 27 से ज्यादा बड़े सोलर प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावना है। सौलर से बिजली उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं का है। जो हर दिन 3.50 करोड़ यूनिट बना रहे हैं। अगले दो से तीन साल में जिला कुल खपत की 50% बिजली बनाने लगेगा।
श्रीकांत पारीक | झुंझुनूं नए साल में बिजली कटौती से जिले को राहत मिल सकती है। साल 2026 में जिले में उपयोग में आने वाली बिजली का 50% उत्पादन सौर ऊर्जा से शुरू होने की उम्मीद है। इससे जिले में हर दिन खपत होने वाली 70 लाख यूनिट में से करीब 35 लाख यूनिट
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सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए 2026 का साल काफी अहम साबित होने वाला है। वर्तमान में जिले में 178 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। इसमें पीएम सूर्य घर योजना में 30.43 मेगावाट, पीएम कुसुम के जरिए 51.06 मेगावाट, गैर अनुदानित श्रेणी में 30 मेगावाट और कृषि में 50 मेगावाट के प्लांट बिजली पैदा करने लगे हैं। इसके साथ निजी क्षेत्र में 24 मेगावाट और अन्य में 14 मेगावाट बिजली सोलर के जरिए पैदा होने लगी है।
नए साल में 150 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट संचालित होने लगेंगे। इसमें पीएम सूर्य घर और कुसुम योजना में सोलर एनर्जी का उत्पादन दोगुना हो जाएगा। इसमें 10 हजार घरों के जरिए सोलर बिजली पैदा होगी। तो निजी क्षेत्र में 27 से ज्यादा बड़े सोलर प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावना है। सौलर से बिजली उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं का है। जो हर दिन 3.50 करोड़ यूनिट बना रहे हैं। अगले दो से तीन साल में जिला कुल खपत की 50% बिजली बनाने लगेगा।