भास्कर के साथ भारत की सबसे लग्जरी ट्रेन का सफर:कांच और सोने के महल जैसे रेस्टोरेंट, 21 लाख किराये का शाही कमरा, अब यहां शादियां भी होंगी
नमस्ते, मैं हूं भास्कर रिपोर्टर छवि अवस्थी। मैं आपको लेकर चल रही हूं भारत की सबसे लग्जरी ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स के सफर पर। ट्रेन जो अपने आप में नायाब है। यहां है… इसके अलावा भी ट्रेन में बहुत कुछ खास है…तो देर किस बात की। चलिए मेरे साथ इस शाही सफर पर… रात 9 बजे : जयपुर से शाही सफर की शुरुआत जयपुर के दुर्गापुरा स्टेशन पर खड़ी पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन दूर से नजर आ जाती है। कोच का रंग, डिजाइन और भव्यता देखकर समझ आ जाता है कि ये आम ट्रेन नहीं है। मैंने जैसे ही ट्रेन में कदम रखा लाल पगड़ी और पारंपरिक वेशभूषा में दो बटलर ने हाथ जोड़कर स्वागत किया। इसी के साथ शाही ट्रेन के शाही सफर की शुरुआत हो गई। शीश महल रेस्टोरेंट: कांच से किया गया इंटीरियर, सिल्वर प्लेटेड कटलरी जैसे ही मैं ट्रेन में एंटर हुई, सबसे पहले था शीश महल रेस्टोरेंट। यहीं एक छोटा-सा रिसेप्शन काउंटर भी बनाया गया है। कुछ कदम आगे चली तो लगा जैसे आमेर किले का शीशमहल हो। उसी तरह चारों तरफ कांच से किया गया इंटीरियर, दीवारों पर बारीक कारीगरी। रेस्टोरेंट की टेबल पर रखी कटलरी सिल्वर प्लेटेड थी। फिर वो चाहे चम्मच हो या छुरी-कांटे। ट्रेन में लंब समय से सेवा दे रहे जेपी जाट ने बताया कि हम गेस्ट की हर जरूरत का ध्यान रखते है। इसी दौरान ट्रेन जयपुर से रवाना हो गई। जयपुर घूमकर लौटे सभी गेस्ट ट्रेन में वापस आ चुके थे और अपने कमरों में आराम कर रहे थे। शाही रसोई : राजस्थानी के साथ कॉन्टिनेंटल और इंटरनेशनल फूड भी शीश महल से आगे बढ़ते ही थी ट्रेन की शाही रसोई। वहां फैली सुगंध बता रही थी कि डिनर की तैयारी चल रही है। हेड शेफ राजेन्द्र शर्मा अपनी 10 से ज्यादा लोगों की टीम के साथ काम में जुटे थे। हेड शेफ ने बताया- ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर, चाय-नाश्ता, सब कुछ यहीं तैयार किया जाता है। विदेशी मेहमानों के लिए खासतौर पर राजस्थान की पारंपरिक डिशेज़ बनाई जाती हैं। मेन्यू में शामिल हैं दाल-बाटी-चूरमा, लाल मांस, बीकानेर की नमकीन, जोधपुर के मिर्ची बड़े। हर शहर के हिसाब से मिठाइयां भी बदलती हैं, जैसे आगरा में पेठा, जैसलमेर में घेवर। इसके अलावा कॉन्टिनेंटल और इंटरनेशनल फूड भी हर वक्त उपलब्ध रहता है। शेफ बताते हैं कि कई बार शेड्यूल इतना व्यस्त हो जाता है कि बिना रुके काम करना पड़ता है। स्वर्ण महल रेस्टोरेंट: सोने के रंग में डूबा रेस्टोरेंट किचन के बाद हम पहुंचे स्वर्ण महल रेस्टोरेंट में। नाम जैसा ही इसका डिजाइन था। पूरा कोच सुनहरे रंग से सजा हुआ। दीवारें, छत… हर जगह गोल्डन टच। यहां बैठकर खाना खाना ऐसा अनुभव देता है जैसे किसी राजमहल के दरबार में भोजन परोसा जा रहा हो। प्रेसिडेंशियल सुईट: 7 दिन का किराया, 21 लाख से ज्यादा अब हम पहुंचे ट्रेन के सबसे खास हिस्से प्रेसिडेंशियल सुईट में। इस कमरे का 7 दिन का किराया 21 लाख रुपए से भी ज्यादा है। अंदर जाते ही सबसे पहले नजर जाती है चांदी के बेड पर। यहीं पर एक बड़ा सोफा, शाही इंटीरियर और सुकून देने वाला माहौल। सुईट में एक अलग लॉबी एरिया है। यहां सोफे, बीच में टेबल और उस पर शाही अंदाज में सजे ड्राई फ्रूट्स रखे हैं। यहां जकूज़ी भी है। कमरे का डायरेक्ट कनेक्शन स्पा रूम से है। स्पा कोच: चलती ट्रेन में सुकून इसके बाद हम पहुंचे स्पा कोच में। दिनभर घूमने के बाद गेस्ट यहां मसाज और रिलेक्सेशन थैरेपी ले सकते हैं। चलती ट्रेन में स्पा का अनुभव अपने आप में बेहद खास है। रियासतों के नाम पर बने कोच : इतिहास की चलती झलक अब बारी आती है उन कोचों की, जो राजस्थान की अलग-अलग रियासतों के नाम पर बने हैं। अब पैलेस ऑन व्हील्स में होगी डेस्टिनेशन वेडिंग डायरेक्टर भगत सिंह लोहागढ़ ने बताया कि अब पैलेस ऑन व्हील्स को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए तैयार किया जा रहा है। ट्रेन के अंदर ही मंडप लगाया जाएगा। हल्दी, मेहंदी, संगीत, रिसेप्शन सब कुछ ट्रेन में होगा। खाना भी पूरी तरह ट्रेन के अंदर तैयार किया जाएगा। इतना ही नहीं, शादी को और खास बनाने के लिए यह विकल्प भी होगा कि जयपुर में हल्दी, सवाई माधोपुर में मेहंदी, उदयपुर में वरमाला हो और पूरी बारात, वर और वधू पक्ष पूरे सफर में इसी शाही ट्रेन में सवार रहे। मार्च में डेस्टिनेशन वेडिंग ऑन व्हील्स होने की उम्मीद है। सुबह 6 बजे: सवाई माधोपुर पहुंची ट्रेन सफर के दौरान पैलेस ऑन व्हील्स के अपॉइंटेड डायरेक्टर शिवराम जाटोलिया ने बताया कि पैलेस ऑन व्हील्स में 22 कोच हैं। 31 डीलक्स केबिन, 2 सुपर डीलक्स और 1 प्रेसिडेंशियल सुईट शामिल है। इसके अलावा 40-40 लोगों की क्षमता वाले 2 रेस्टोरेंट, 1 स्पा कोच, 2 स्टाफ कार और 2 जनरेटर कार भी हैं। लगभग सुबह 6 बजे पैलेस ऑन व्हील्स सवाई माधोपुर पहुंची। यहां ट्रेन में सवार सभी गेस्ट रणथंभौर सफारी के लिए उतर गए। यहीं पर मेरा भी लाइव टूर खत्म हो गया।