दौसा में 2.12 लाख लोग खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर:1.82 लाख नए लाभार्थी जुड़े, 28 फरवरी तक अपात्र नहीं हटे तो होगी वसूली
दौसा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने और अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने की राज्य सरकार की मुहिम अब असर दिखाने लगी है। जिले में 2 लाख 1 हजार 224 अपात्र लोगों के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि 1 लाख 82 हजार 69 नए पात्र लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अपात्र लोगों को 28 फरवरी तक स्वेच्छा से योजना से नाम हटवाने का मौका दिया गया है। तय समय तक नाम नहीं हटाने वालों पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। केवाईसी, गिव-अप और जांच से बदली तस्वीर जिला रसद अधिकारी मोहनलाल देव ने बताया कि विभागीय स्तर पर की गई छंटनी, केवाईसी लंबित मामलों की जांच, ‘गिव-अप’ अभियान और प्रवर्तन अधिकारियों की सख्त कार्रवाई के चलते जिले में योजना की स्थिति पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थी खुद आगे आकर राशन कार्ड से नाम हटवा रहे हैं, जिससे सही लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। नहीं हटे तो होगी वसूली रसद विभाग ने साफ किया है कि यदि अपात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवार तय तारीख तक अपना नाम नहीं हटवाते, तो उनसे अब तक लिए गए खाद्यान्न की वसूली की जाएगी।साथ ही ऐसे मामलों में परिवारों को चिह्नित कर अपील प्रक्रिया के तहत प्रवर्तन अधिकारी या निरीक्षक के माध्यम से एसडीएम द्वारा नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सरकार का फोकस: सही व्यक्ति तक पहुंचे लाभ विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले, जो वास्तव में इसके पात्र हैं। आने वाले दिनों में जिले में और भी सख्त निगरानी और जांच की जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने और अपात्र लाभार्थियों को हटाने की राज्य सरकार की मुहिम के तहत जिले में अब तक 2 लाख 1224 अपात्र लोग लिस्ट से बाहर किए जा चुके हैं। वहीं एक लाख 82 हजार 69 नए पात्रों को योजना में शामिल किया गया है। अपात्र लोग 28 फरवरी तक इस योजना से स्वेच्छा से नाम हटवा सकते हैं। जिला रसद अधिकारी मोहनलाल देव ने बताया कि विभागीय छंटनी, केवाईसी लंबित रहने, ‘गिव-अप’ अभियान और प्रवर्तन अधिकारियों की कार्यवाही से जिले में योजना की तस्वीर पूरी तरह बदलती दिख रही है। अभियान के तहत अपात्र लोग स्वयं सामने आकर योजना से नाम वापस ले रहे हैं। यदि इसके बाद भी अपात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से अपना नाम नहीं हटवाते तो उनसे वसूली की कार्रवाही की जाएगी। साथ ही उनका नाम चिह्नित कर अपील के माध्यम से प्रवर्तन अधिकारी या निरीक्षक के माध्यम से एसडीएम द्वारा हटा दिया जाएगा।