सलूंबर में 24 हजार पशुओं को मिलेगा बीमा कवच:अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर दे रहे जानकारी
सलूंबर में पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री मंगना पशु बीमा योजना (MMPBY) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकरण और बीमा कार्य एक साथ शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया जिले के सभी ब्लॉकों में गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुधन के लिए चलाई जा रही है। विभाग का लक्ष्य योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाना और पात्र पशुपालकों को समय पर बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है। पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर पशुपालकों को योजना की जानकारी दे रहे हैं और पात्र पशुधन को इससे जोड़ रहे हैं। संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश कुमार जैन ने बताया कि 2025-26 के लिए पंजीकरण और बीमा कार्य एक साथ होने से पशुपालकों को शीघ्र बीमा सुरक्षा मिलेगी। इससे भविष्य में दावा निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। उन्होंने यह भी बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य पशुधन की आकस्मिक मृत्यु पर पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करना, जोखिम कम करना और पशुपालन को आजीविका के रूप में सुदृढ़ करना है। इससे छोटे और सीमांत पशुपालकों को विशेष लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सलूंबर जिले को पशु बीमा के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। जिला पशुपालन विभाग के अनुसार, सलूंबर जिले में कुल 24,250 पशुओं के बीमा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 4,900 गाय, 6,600 भैंस, 2,000 भेड़, 10,500 बकरी और 250 ऊंट शामिल हैं। योजना के अंतर्गत पंजीकरण संबंधित मोबाइल ऐप "Mangla Pashu Bima Yojana 25-26" और वेबसाइट https://mmpby.rajasthan.gov.in के माध्यम से किया जा सकता है।
सलूंबर में पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री मंगना पशु बीमा योजना (MMPBY) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकरण और बीमा कार्य एक साथ शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया जिले के सभी ब्लॉकों में गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुधन के लिए चलाई जा रही है।
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विभाग का लक्ष्य योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाना और पात्र पशुपालकों को समय पर बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना है। पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर पशुपालकों को योजना की जानकारी दे रहे हैं और पात्र पशुधन को इससे जोड़ रहे हैं।
संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश कुमार जैन ने बताया कि 2025-26 के लिए पंजीकरण और बीमा कार्य एक साथ होने से पशुपालकों को शीघ्र बीमा सुरक्षा मिलेगी। इससे भविष्य में दावा निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य पशुधन की आकस्मिक मृत्यु पर पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करना, जोखिम कम करना और पशुपालन को आजीविका के रूप में सुदृढ़ करना है। इससे छोटे और सीमांत पशुपालकों को विशेष लाभ मिल रहा है।