बाली क्षेत्र के 27 गांवों में 25 ग्राम स्तर संग्रहण केंद्र, आय 5 हजार से 80 हजार रुपए तक पहुंची
भास्कर संवाददाता | पाली/बाली. आदिवासी बहुल बाली क्षेत्र में 12 ग्राम पंचायतों की 25 से अधिक गांवों की महिलाएं प्राकृतिक उत्पादों की वजह से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। घूमर महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने कोटा बोरखेड़ा में पहला आउटलेट लॉन्च किया। इसके बाद पिछले 12 वर्षों से आदिवासी महिलाओं को जोड़कर सीताफल पल्प, जामुन पल्प, बेर स्टिक, हर्बल गुलाल, और पलाश के पत्तों से डिस्पोजल प्लेट्स तैयार कर रही है। इस काम से 1500 महिलाएं रोजगार पा रही हैं। जामुन शॉट को घर-घर पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है। महिलाओं की आय 5 हजार से बढ़कर 80 हजार तक पहुंच गई है। 27 गांवों में 25 ग्राम स्तर संग्रहण केंद्र हैं, जहां महिलाएं उत्पाद निर्माण का कार्य करती हैं। भविष्य में जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में नए आउटलेट खोलने का लक्ष्य है। सीईओ जितेंद्र मीणा ने बताया कि यह कंपनी पूरी तरह से आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित है। भविष्य में इसका टर्नओवर 20 करोड़ तक पहुंचाने की योजना है। समूह की कोषाध्यक्ष कर्मीबाई 20 साल पहले सुमेरपुर में मजदूरी करती थी। लंबी बीमारी से पति की देहांत हो गया। पांच बच्चों का लालन पालन करने के लिए अपने गांव उपला भीमाना आकर खेती बाड़ी करने का प्लान किया। पति की बीमारी में गहने तक बेच दिए थे। इसके बाद 10 महिलाओं को शीतला माता बचत समूह बनाकर छोटी-छोटी बचत करना शुरू किया। फिर समूह की अध्यक्ष बनी उसके बाद गांव-गांव जाकर बचत समूह की अलख जगाई। गांव में 20 समूह का निर्माण किया। वैज्ञानिक तरीके से जैविक खेती बाड़ी, बकरी पालन पर जोर देना। जंगल के उत्पाद सीताफल, बैर, पलाश के पत्तों से डिस्पोजल प्लेट, जामुन जूस, हर्बल गुलाल के प्रॉसेसिंग पर पिछले 6 वर्षों से लगातार कार्य कर रही है। अभी 5000 आदिवासी महिलाओं के संगठन घूमर महिला समिति की कोषाध्यक्ष है।
भास्कर संवाददाता | पाली/बाली.
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आदिवासी बहुल बाली क्षेत्र में 12 ग्राम पंचायतों की 25 से अधिक गांवों की महिलाएं प्राकृतिक उत्पादों की वजह से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। घूमर महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने कोटा बोरखेड़ा में पहला आउटलेट लॉन्च किया। इसके बाद पिछले 12 वर्षों से आदिवासी महिलाओं को जोड़कर सीताफल पल्प, जामुन पल्प, बेर स्टिक, हर्बल गुलाल, और पलाश के पत्तों से डिस्पोजल प्लेट्स तैयार कर रही है।