खाटूश्यामजी से जुड़ी दो सड़कें चौड़ी होंगी, बाइपास बनेगा; 279 करोड़ का है प्रोजेक्ट
भास्कर संवाददाता| सीकर खाटूश्यामजी आने वाले भक्तों को इस साल ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूडी ने खाटूश्यामजी से जुड़ी सड़कों को लेकर तीन प्रस्ताव जयपुर भेजे हैं। इनमें दो सड़कों को चौड़ा करना और सात किमी का बाइपास बनाना शामिल है। इन परियोजनाओं पर 279 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। प्रस्ताव के अनुसार खाटूश्यामजी में अब हर माह शुक्ल पक्ष की एकादशी, शनिवार और रविवार को भी श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक रहती है। श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ये सड़क परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। पहला प्रोजेक्ट एनएच-52 पर मंढा से रेनवाल सीमा तक 10 किमी सड़क को टू लेन से फोर लेन करना शामिल है। इसमें खाटू, लामिया, पचार रोड और मंढा बाइपास को शामिल किया गया है। इस पर करीब 139 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसी तरह एसएच-113 पर चौमूं पुरोहितान से आभावास-लामिया रोड तक सात किमी का बाइपास बनाने का प्रस्ताव है। इसकी अनुमानित लागत 27.50 करोड़ रुपए रखी गई है। इसके बनने के बाद खाटूश्यामजी कस्बे के अंदर संकरे मार्गों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। तीसरा प्रस्ताव एसएच-113 पर कुचामन-खंडेला रोड वाया चितावा, दांता, खाटूश्यामजी, रींगस और श्रीमाधोपुर खंडेला मार्ग को 2 लेन से 4 लेन करने से जुड़ा है। इस 17 किमी लंबी सड़क को चौड़ करने पर 112.54 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। कलेक्टर मुकुल शर्मा ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में बताया है किया है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से खाटूश्यामजी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों में कमी आएगी। श्रद्धालुओं का सफर आसान व सुरक्षित हो जाएगा। सरकार से बजट स्वीकृति मिलते ही प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सीकर | नगर परिषद पिछले काफी समय से नानी बीड़ स्थित अपने प्लांट में जैविक यानी कंपोस्ट खाद बना रही है। अब इसे जल्द ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचा भी जाएगा। इस पोर्टल पर कंपोस्ट खाद के साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश की किसी नगर परिषद में ऐसा नवाचार पहली बार किया जा रहा है। घरेलू उपयोग को ध्यान में रखते हुए 2 और 5 किलो वजनी कंपोस्ट खाद के पैकेट तैयार करवा रहे हैं, जो घरों के पौधों और नर्सरी के लिए उपयोगी होंगे। अभी खाद केवल किसानों को ही उपलब्ध कराई जा रही है। जानकारों के अनुसार कंपोस्ट खाद अभी बाजार में 70 से 300 रुपए किलो तक मिल रही है। परिषद ने हालांकि अभी रेट तय नहीं की है, लेकिन इसके 25-30 रु. किलो रहने की पूरी संभावना है। नगर परिषद के पोर्टल npsikar.in पर ऑर्डर दिए जा सकेंगे। विभाग के अनुसार हाल ही में कराए गए शहरी सर्वे में सामने आया कि कंपोस्ट खाद की मांग तो है, लेकिन खरीद के लिए कोई सुविधाजनक प्लेटफॉर्म नहीं है। इसे देखते हुए ये सुविधा शुरू करना तय किया गया। 26 जनवरी को ये सुविधा शाुरू हो सकती है। उसके बाद आमजन आसानी से खाद खरीद सकेंगे। योजना की जानकारी कॉल सेंटर से मिलेगी। यहां ऑर्डर कर सकेंगे। अभी 40 किलो वजनी बैग उपलब्ध है, जो किसानों को दिए जा रहे है। आयुक्त शशिकांत शर्मा और एईएन प्रवीण कुमार ने कुछ माह पहले डेनमार्क यात्रा के दौरान कंपोस्ट खाद सहित कई उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री होते देखा था। वहां से लौटने के बाद उन्होंने डेनमार्क की तरह ही परिषद का पोर्टल तैयार कराया।