जैसलमेर में बासी दाल-बाटी और चावल नष्ट कराए:3 दिनों में 15 रिसॉर्ट्स पर छापे; पनीर-घी के सैंपल लेकर जोधपुर लैब में भिजवाए
जैसलमेर में पर्यटन सीजन के चरम पर होने के साथ ही जैसलमेर के विश्व प्रसिद्ध सम क्षेत्र में पर्यटकों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने बताया कि सम इलाके में निरीक्षण के दौरान कई नामी रिसॉर्ट्स की रसोई में भारी अनियमितताएं पाई गईं। 15 सैंपल लेकर गई टीम अभियान के दौरान विभाग की टीम ने लैब टेस्टिंग के लिए कुल 15 सैंपल लिए हैं, जिनमें पनीर, दही, मावा, शुद्ध घी, तैयार ग्रेवी और खाद्य तेल के सैम्पल शामिल है। टीम ने मौके पर खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को भी नष्ट करवाया। इसमें भारी मात्रा में पहले से बने हुए बासी चावल, दाल और बाटी शामिल थे। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन 15 सामग्रियों के लिए गए सैंपल विभाग की टीम ने विशेष रूप से उन खाद्य सामग्रियों को निशाने पर लिया जिनमें मिलावट की आशंका सर्वाधिक रहती है। लैब टेस्टिंग के लिए कुल 15 सैंपल संग्रहित किए गए हैं, जिनमें डेयरी उत्पाद पनीर, दही, मावा और शुद्ध घी। साथ ही सब्जी बनाने में उपयोग होने वाली तैयार ग्रेवी और खाद्य तेल। इन सभी नमूनों को सील कर जांच हेतु राजकीय लैब, जोधपुर भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई (जुर्माना या लाइसेंस निरस्त) की जाएगी। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, टी. शुभमंगला के सख्त निर्देशों के बाद जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत पिछले तीन दिनों से सघन निरीक्षण किया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. बी.एल. पालीवाल के नेतृत्व में टीम ने सम के विभिन्न होटलों और रिसॉर्ट्स में दबिश देकर हड़कंप मचा दिया। इन 15 सामग्रियों के लिए गए सैंपल विभाग की टीम ने विशेष रूप से उन खाद्य सामग्रियों को निशाने पर लिया जिनमें मिलावट की आशंका सर्वाधिक रहती है। लैब टेस्टिंग के लिए कुल 15 सैंपल लिए। इन सभी नमूनों को सील कर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, जोधपुर भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई (जुर्माना या लाइसेंस निरस्त) की जाएगी। व्यवसायियों को सख्त हिदायत: 'साफ-सफाई से समझौता नहीं' मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने 'निरामय राजस्थान' कार्यक्रम का हवाला देते हुए सभी होटल और रिसॉर्ट संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, "जैसलमेर की साख अतिथि देवो भव से है। मिलावटखोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह हमारे पर्यटन उद्योग की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है। सभी व्यवसायी शुद्ध खाद्य सामग्री का ही बेचान करें और किचन की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।" टूरिस्ट सीजन को देखते हुए प्रशासन अलर्ट दिसंबर-जनवरी के दौरान जैसलमेर में लाखों की संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में होटलों में मांग बढ़ने के कारण पनीर और घी जैसे उत्पादों में मिलावट की संभावना बढ़ जाती है। विभाग की इस कार्रवाई से सम क्षेत्र के व्यापारियों में खलबली मची हुई है। खाद्य सुरक्षा टीम ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आने वाले दिनों में शहर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी जारी रहेगा।