सलूम्बर में कांग्रेस का मनरेगा का नाम बदलने पर विरोध:योजना के मूल स्वरूप में बदलाव के खिलाफ 3 घंटे का मौन उपवास
सलूम्बर जिले में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को मनरेगा योजना का नाम बदलने और उसके मूल स्वरूप में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन किया। सलूम्बर जिला कांग्रेस कमेटी ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत यह लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया। यह आंदोलन राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया। कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन से एकत्र होकर गांधी चौक पहुंचे। यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक तीन घंटे का सामूहिक मौन उपवास रखा गया। यह प्रदर्शन शहर के गांधी चौक स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित हुआ। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को गरीब-विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के अधिकारों पर सीधा हमला कर रही है। नेताओं के अनुसार, मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूरों की आजीविका की रीढ़ है। इस मौन उपवास का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष परमानंद मेहता एडवोकेट ने किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है। सरकार द्वारा योजना का नाम बदलना और उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करना गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है। मेहता ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी और इस लड़ाई को सड़क से संसद तक लड़ा जाएगा। इस विरोध कार्यक्रम में कांग्रेस संगठन के सभी संगठनों की भागीदारी रही। इसमें नगर परिषद सभापति, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, वर्तमान व पूर्व नगर अध्यक्ष, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, सभी मंडल अध्यक्ष, जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सलूम्बर जिले में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को मनरेगा योजना का नाम बदलने और उसके मूल स्वरूप में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन किया। सलूम्बर जिला कांग्रेस कमेटी ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत यह लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया। यह आंदोलन राजस्थान प्रदेश का