रणथंभोर गणेश मंदिर मार्ग पर फिर दिखी बाघिन सुल्ताना:सड़क पर 30 मिनट तक घूमती रही, वन विभाग ने श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी
सवाई माधोपुर में रणथंभोर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक बार फिर बाघिन सुल्ताना दिखाई दी। सुबह करीब 9 बजे वह बेखौफ अंदाज में सड़क पर चहलकदमी करती नजर आई। इस दौरान मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यह दृश्य देखने को मिला। जानकारी के अनुसार बाघिन सुल्ताना आड़ा बालाजी क्षेत्र के पास दिखाई दी। यहां करीब 30 मिनट तक उसका मूवमेंट बना रहा। श्रद्धालुओं ने सड़क पर घूमती बाघिन को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड किया। वन विभाग ने एहतियातन बंद कराया प्रवेश द्वार बाघिन की मौजूदगी की सूचना लोगों ने वन विभाग को दी। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एहतियातन गणेश धाम का प्रवेश द्वार लगभग एक घंटे के लिए बंद कर दिया, ताकि दर्शनार्थियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। पहले भी इसी मार्ग पर दिख चुकी है सुल्ताना गौरतलब है कि नववर्ष से ठीक पहले साल के अंतिम दिन भी बाघिन सुल्ताना इसी त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लंबे समय तक नजर आई थी। इससे पहले उसने मिश्रदर्रा गेट के पास शावकों को जन्म दिया था और बाद में उन्हें शिफ्ट करते हुए भी देखी गई थी। जोन नंबर एक में है बाघिन की टेरेटरी उल्लेखनीय है कि बाघिन टी-107 सुल्ताना की टेरेटरी रणथंभोर के जोन नंबर एक में है। वह अक्सर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर आती रही है, जिस कारण इस मार्ग पर वन विभाग की सतर्कता बनी रहती है।
रणथंभोर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक बार फिर बाघिन सुल्ताना आ पहुंची। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहद रोमांचक नज़ारा देखने को मिला। जब शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गणेश मंदिर मार्ग पर बाघिन सुल्ताना बेखौफ अंदाज़ में सड़क पर चहलकदमी करती नजर आई। यहां करीब 30 मिनट तक सुल्ताना का मूवमेंट बना रहा। इस दौरान त्रिनेत्र गणेश मंदिर दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक पलों को मोबाइल कैमरों में कैद किया। 30 मिनट तक सड़क पर घूमती रही बाघिन जानकारी के अनुसार आज सुबह बाघिन सुल्ताना आड़ा बालाजी क्षेत्र के पास दिखाई दी। जिसकी सूचना लोगों ने वन विभाग को दी। जिस पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने एहतियातन लगभग एक घंटे के लिए गणेश धाम प्रवेश द्वार बंद कर दिया, ताकि दर्शनार्थियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। गौरतलब है कि नववर्ष से ठीक पहले साल के अंतिम दिन भी बाघिन सुल्ताना इसी मार्ग पर लंबे समय तक नजर आई थी। इससे पहले बाघिन ने मिश्रदर्रा गेट के पास शावकों को जन्म दिया था। जिसके बाद वह अपने शावकों को शिफ्ट करती दिखी थी। उल्लेखनीय है कि बाघिन टी-107 सुल्ताना की टेरेटरी रणथंभौर के जोन नंबर एक पर है और वह अक्सर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर आती रही है।