जिला मुख्यालय पर मदर लैब, 31 पीएचसी व 11 सीएचसी पर भी मिलेगी निशुल्क जांच सुविधा
भास्कर न्यूज| जैसलमेर जिले के 6 पंचायत समिति मुख्यालयों पर नए वर्ष पर 117 प्रकार की निशुल्क जांचों की सौगात मिलेगी। जिले के 6 ब्लॉक मुख्यालय सम, फतेहगढ़, सांकड़ा, भणियाणा, मोहनगढ़ व नाचना में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट व जिला मुख्यालय पर इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण चल रहा है। जिला मुख्यालय पर इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब मदर लैब के रुप में संचालित होगी। वहीं ब्लॉक मुख्यालय पर हब लैब संचालित होगी। एक ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के लिए 76.96 लाख रुपए खर्च होंगे। यानि 6 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट पर कुल 4 करोड़ 61 लाख 76 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं जिला मुख्यालय पर इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ यूनिट के लिए 1.25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। नाचना ब्लॉक को छोड़कर सभी ब्लॉक मुख्यालय पर लैब निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। सभी जगहों पर एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की निशुल्क जांचों की सुविधा उपलब्ध होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि जो जांचें अब तक सीएचसी, पीएचसी व जिला मुख्यालय पर नहीं हुई है वो जांचें भी इन लैब में होगी। भास्कर न्यूज| जैसलमेर जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में साल 2026 एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है। 259 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुए जैसलमेर मेडिकल कॉलेज का काम अब अंतिम चरणों में है। अक्टूबर 2025 से यहां प्रथम सत्र (2025-26) के लिए 50 सीटों पर मेडिकल की पढ़ाई पहले ही शुरू हो चुकी है। लेकिन नए साल में इस भव्य परिसर का विधिवत लोकार्पण होने की प्रबल संभावना है। मेडिकल कॉलेज का भवन बनकर तैयार है और वर्तमान में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्र यहां शिक्षा ले रहे हैं। वर्ष 2026 की पहली छमाही में सरकार इसका भव्य लोकार्पण कर सकती है। यह न केवल जैसलमेर बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा। जैसलमेर के रामगढ़ बाईपास के पास 150 बीघा जमीन पर मेडिकल कॉलेज भवन बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज का लगभग पूरा हो चुका है। वहीं हॉस्टल का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 345 बेड के हॉस्पिटल भी बन रहा है। मेडिकल कॉलेज पर 150 करोड़ रुपए व हॉस्पिटल पर 109 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। तीन मंजिला मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल व एकेडमिक ब्लॉक का काम भी पूरा हो चुका है। अब सिर्फ आउटर डेवलपमेंट का कार्य शेष है। 345 बेड के हॉस्पिटल का निर्माण नए वर्ष में संभव है। इसके बाद जिला अस्पताल को यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज पर 150 करोड़ व हॉस्पिटल पर 109 करोड़ हुए खर्च जिले में कुल 31 पीएचसी व 11 सीएचसी है। 2023 में तीन ब्लॉक को बढ़ाकर 7 ब्लॉक बनाए गए थे। सभी पीएचसी व सीएचसी पर स्पोक लैब खोली जाएगी। जहां जांचों के लिए सैम्पल लिए जाएंगे। जिसकी सुविधा स्पोक लैब में नहीं होगी, उनके सैम्पल हब व मदर लैब में भेजे जाएंगे। जहां पर सैम्पल की जांच की जाकर संबंधित सीएचसी व पीएचसी को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी। अभी जो जांचें पीएचसी व सीएचसी पर नहीं हो रही है वह जांच भी उपलब्ध होगी। जिला मुख्यालय पर 143 प्रकार की जांचें होगी।