डीडवाना-कुचामन में 31 जनवरी तक चलेगा सड़क सुरक्षा अभियान:इस बार 'शून्य मृत्यु माह' के रूप में मनाया जाएगा
डीडवाना में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने अभियान की सफलता के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को 'शून्य मृत्यु माह' के रूप में मनाया जाएगा। अभियान की थीम 'सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन' है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को कम करने का प्रयास किया जाएगा। कलेक्टर के मुताबिक, जिला परिवहन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और यातायात पुलिस मिलकर सड़क सुरक्षा मानकों पर कार्रवाई करेंगे। पिछले साल के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और जिले के हाई रिस्क कॉरिडोरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। अभियान में सड़कों पर साइन बोर्ड, सड़क चिन्ह, स्पीड ब्रेकर, आपातकालीन सेवाओं के उपयोग और सड़क डिजाइन व रखरखाव प्रोटोकॉल में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। सड़क सुरक्षा चैंपियन और भले मददगार नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और दुपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इस अभियान के लिए जिला परिवहन अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
डीडवाना में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने अभियान की सफलता के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को 'शून्य मृत्यु माह' के रूप में मनाया जाएगा। अभियान की थीम 'सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन' है, जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
कलेक्टर के मुताबिक, जिला परिवहन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और यातायात पुलिस मिलकर सड़क सुरक्षा मानकों पर कार्रवाई करेंगे। पिछले साल के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और जिले के हाई रिस्क कॉरिडोरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।