कलेक्टर ने अमरापुरा में सुनीं लोगों की परेशानियां:रात्रि चौपाल में 31 परिवादों पर हुई सुनवाई, समाधान के निर्देश
जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में ग्राम अमरापुरा में मंगलवार को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित तथा प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए गए। चौपाल में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) गोपाल लाल, उपखंड अधिकारी सुमित्रा, बीडीओ अतुल सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस रात्रि चौपाल में कुल 31 परिवाद प्राप्त हुए। इनमें कब्रिस्तान एवं श्मशान भूमि आवंटन, आबादी विस्तार के प्रस्ताव, बिजली के पोल हटाने, लालपुरा हाईवे पर झूलते बिजली के तारों को दुरुस्त करने जैसे मामले प्रमुख थे। अन्य महत्वपूर्ण परिवादों में तरमीम/शुद्धि के प्रकरण, पेयजल में फ्लोराइड की समस्या, लालपुरा से अमरापुरा सड़क की मरम्मत, आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत और प्रधानमंत्री आवास योजना की बकाया किश्तों के भुगतान से जुड़े मामले शामिल थे। ग्रामीणों ने विशेष रूप से सड़क संबंधी समस्याओं को उठाया। उन्होंने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परिवादों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस चौपाल के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हुई।
जिला कलेक्टर कमल राम मीना की अध्यक्षता में ग्राम अमरापुरा में मंगलवार को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित तथा प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए
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चौपाल में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) गोपाल लाल, उपखंड अधिकारी सुमित्रा, बीडीओ अतुल सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस रात्रि चौपाल में कुल 31 परिवाद प्राप्त हुए। इनमें कब्रिस्तान एवं श्मशान भूमि आवंटन, आबादी विस्तार के प्रस्ताव, बिजली के पोल हटाने, लालपुरा हाईवे पर झूलते बिजली के तारों को दुरुस्त करने जैसे मामले प्रमुख थे।