डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन 32 हजार घरों से हुआ शुरू:GPS और स्कैनर से लैस ऑटो टिपर, कचरे से बनेगी खाद; 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी शुरू
नए साल की पहली सुबह झुंझुनूं शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात लेकर आई। नगर परिषद ने 1 जनवरी से शहर के सभी 32 हजार घरों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके साथ ही अब सड़कों, गलियों और खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। नगर परिषद का दावा है कि इस व्यवस्था से शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी। 32 हजार घरों तक पहुंचेगा ऑटो टिपर नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था एक निजी कंपनी को सौंपी है, जिसे 4.75 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर दिया गया है। बुधवार सुबह से ही कंपनी के ऑटो टिपर अलग-अलग वार्डों में पहुंचने लगे। हर घर से कचरा सीधे उठाया जाएगा, जिससे गंदगी और बदबू की समस्या कम होगी। GPS और स्कैनर से होगी निगरानी नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सभी ऑटो टिपर GPS सिस्टम से लैस किए गए हैं। इससे उनकी रियल-टाइम लोकेशन पर नजर रखी जाएगी।इसके अलावा हर गली और मोहल्ले में स्कैनर पॉइंट तय किए गए हैं। स्कैन किए बिना टिपर आगे नहीं बढ़ सकेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी इलाका कचरा संग्रहण से छूट न जाए। रोज 50 मीट्रिक टन कचरा, बनेगी जैविक खाद नगर परिषद के अनुसार शहर से रोजाना करीब 50 मीट्रिक टन कचरा निकलने का अनुमान है। घरों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा।एकत्रित कचरे को निस्तारण यूनिट में भेजा जाएगा, जहां उससे जैविक खाद तैयार की जाएगी। यह खाद स्थानीय किसानों के लिए उपयोगी साबित होगी। शिकायत के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम शहरवासियों की सुविधा के लिए नगर परिषद में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यदि किसी इलाके में कचरा संग्रहण वाहन नहीं पहुंचे या कोई समस्या हो, तो नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान करने का लक्ष्य रखा गया है। आयुक्त बोले- सहयोग जरूरी नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचलिया ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य विधिवत शुरू कर दिया गया है। यह पहल शहर को साफ रखने के साथ-साथ प्रदूषण और बीमारियों को रोकने में भी मददगार होगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे इस व्यवस्था में सहयोग करें और ‘स्वच्छ झुंझुनूं’ को साकार करें।