छत्तरगढ़ : नाथो की ढाणी में देर रात काटे खेजड़ी के 34 पेड़, बन रहा है सोलर प्लांट
सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी सहित वन संपदा की सफाई का काम थम नहीं रहा है। हरियाली खत्म होती जा रही है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। छत्तरगढ़ तहसील स्थित नाथों की ढाणी में शुक्रवार रात खेजड़ी के 34 पेड़ काट दिए गए। इसी जमीन पर 2024 में 393 पेड़ कटने पर कई दिनों तक आंदोलन चला था। छत्तरगढ़ तहसील के सरदारपुरा गांव स्थित नाथो की ढाणी में खसरा संख्या 369/931 में रात एक बजे बाद पेड़ों की कटाई काम शुरू हुआ था। यह स्थान गांव के निकट होने के कारण रात के सन्नाटे में आरी चलने की आवाज सुनाई दी तो ग्रामीण जाग गए। कुछ ग्रामीण ट्रैक्टर पर सवार होकर सोलर कंपनी की जमीन पर गए तो गाड़ियों की रोशनी में हरे पेड़ों पर आरी चलती नजर आई। ग्रामीणों को आते देख पेड़ काटने वाले भाग गए। सूचना मिलने पर शनिवार सुबह पुलिस, पटवारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हलका पटवारी दीपेंद्र सिंह चारण ने बताया कि सनश्योर सोलर कंपनी करीब 1200 एकड़ में 250 मेगावाट का सोलर प्लांट लगा रही है। इसके लिए जमीन को समतल करने का काम चल रहा है। मौके पर खेजड़ी के 34 पेड़ कटे हुए मिले, जिन्हें केला गांव में वन विभाग की नर्सरी के सुपुर्द किया गया है। पूर्व में काटे थे 393 पेड़ : नाथो की ढाणी में ही वर्ष 2024 खेजड़ी सहित विभिन्न तरह के 393 पेड़ एक ही रात में काटे गए थे। इसके विरोध में पर्यावरण प्रेमियों ने छत्तरगढ़ उपखंड कार्यालय के बाहर कई दिन तक धरना दिया। बाद में राजस्व और वन विभाग ने उन पेड़ों की मौके पर ही नीलामी करवाई थी। खेजड़ी काटने पर कंपनी से करीब 80 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया था। बताया जाता है कि उसके बाद कई बार पेड़ काटे गए हैं, लेकिन पास ही पावर ग्रिड का काम चलने के कारण मशीनों की आवाज में ग्रामीणों को पता नहीं चला। शुक्रवार राज जिस स्थान पर पेड़ काटे गए थे वह आबादी के पास है। इसलिए ग्रामीणों को भनक लग गई।
सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी सहित वन संपदा की सफाई का काम थम नहीं रहा है। हरियाली खत्म होती जा रही है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। छत्तरगढ़ तहसील स्थित नाथों की ढाणी में शुक्रवार रात खेजड़ी के 34 पेड़ काट दिए गए। इसी जमीन पर 2024 में 393 पेड़ क