करीब 36 किमी लंबे मार्ग पर हर कदम पर खतरा, धौलपुर-राजाखेड़ा मार्ग पर नहीं हैं डिवाइडर
भास्कर न्यूज। धौलपुर सड़क हादसों को देखते हुए सरकार सड़क सुरक्षा अभियान चला रही है। लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है, लेकिन धौलपुर-राजाखेड़ा मुख्य मार्ग सुरक्षा इंतजामों पर खरा नही उतर पा रहा हैं। करीब 36 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हर कदम पर खतरा हैं। धौलपुर-राजाखेड़ा एक एकल मार्ग हैं, जिसमें कोई डिवाइडर नहीं हैं। वाहन सीधे आमने-सामने चलते हैं। धौलपुर से राजाखेड़ा जाने के लिए ओवरब्रिज पर चढ़ते ही क्षतिग्रस्त सड़क और बड़े-बड़े गड्ढे हैं। शुरुआत से लेकर मरैना तक और फिर राजाखेड़ा तक बनाएं गए नए सीसी रोड के दोनों किनारों से सफेद पट्टी/फॉग लाइन नदारद हैं। दिहोली थाने के पास जो फॉग लाइनें हैं,वे भी मिट चुकी हैं। जबकि वर्तमान में कोहरे के कारण सुबह और शाम दृश्यता मात्र 10 से 20 मीटर रह गई हैं। जिसके चलते सड़क पर फॉग लाइन की महत्वता ओर अधिक बढ़ जाती हैं। नियमानुसार, कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सड़क के बाईं ओर लेफ्ट एज मार्किंग या फॉग लाइन होना अनिवार्य हैं। सरकार के दावों के उलट धौलपुर में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की यह उदासीनता वाहन चालकों की जान पर भारी पड़ सकती हैं। ओवरब्रिज पर न साइन बोर्ड न ही रिफ्लेक्टर... धौलपुर से राजाखेड़ा जाने के लिए वाहन चालक को रेलवे लाइन के ऊपर से गुजर रहे ओवरब्रिज को पार करना खतरनाक हैं। क्योंकि इस पुल का इतना तीखा मोड़ हैं कि सामने से आने वाला वाहन सीधे दिखाई नही देता हैं। साथ ही ओवरब्रिज पर दिशा निर्देशन के लिए कोई साइन बोर्ड नही लगे हैं। सड़क से रिफ्लेक्टर भी गायब हैं। बीते दिनों ओवरब्रिज की सड़क की सरियां तक ऊपर उभर आई थी। जिसे जिला कलेक्टर की फटकार के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा ठीक कराया गया था।लेकिन सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पीडब्ल्यूडी का कोई खास ध्यान नही हैं, जिसका खामियाजा वाहन चालक भुगत रहे हैं। ^धौलपुर-राजाखेड़ा मार्ग पर फॉग लाइन सड़क निर्माण के समय कराई गई थी। उसके बाद सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई और बजट के अभाव में मेंटिनेंस कार्य भी अटके पड़े हैं। जल्द ही क्षतिग्रस्त सड़क ठीक कराने के साथ सड़क के दोनों ओर फॉग लाइन पेंट करा दी जाएगी। -नरेश मीणा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी धौलपुर