परीक्षा पे चर्चा: 37 दिन में सिर्फ 55% रजिस्ट्रेशन, अब 5 दिन में 1.14 लाख स्टूडेंट्स जोड़ने की चुनौती
भास्कर न्यूज | अलवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुचर्चित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को लेकर अलवर जिला लक्ष्य से पीछे चल रहा है। शिक्षा विभाग ने जिले को 2 लाख 56 हजार 913 विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य दिया है, लेकिन 37 दिन में अभी तक केवल 1.42 लाख स्टूडेंट्स का ही पंजीकरण हो पाया है। यानी कुल लक्ष्य का करीब 55 प्रतिशत। अब अंतिम तारीख 11 जनवरी तक शेष 5 दिनों में 1.14 लाख रजिस्ट्रेशन कराना शिक्षा अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने सीडीईओ को फोन कर लक्ष्य हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। इसके बाद डाइट अलवर में समसा की जेडी कृष्णा शर्मा और पीओ वंदना शर्मा ने डीईओ व सीबीईओ की बैठक लेकर रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर जोर दिया। इसके बाद सीडीईओ महेश गुप्ता ने कम रजिस्ट्रेशन पर शिक्षा अधिकारियों को नवीन स्कूल में हुई बैठक में फटकार लगाई। सीडीईओ ने अधिकारियों को लक्ष्य अनुसार पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने शीतकालीन अवकाश की वजह से कम रजिस्ट्रेशन होने का बहाना बनाया। प्रदेश स्तर पर अलवर रजिस्ट्रेशन संख्या में तीसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर जयपुर और दूसरे पर भीलवाड़ा है, जहां 70 प्रतिशत से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। अलवर में शीतकालीन अवकाश (25 दिसंबर से 5 जनवरी) के चलते 11 दिन रजिस्ट्रेशन प्रभावित रहा। परीक्षा पे चर्चा में कक्षा 6 से 12 तक के स्टूडेंट्स, उनके अभिभावक और शिक्षक शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टूडेंट्स से परीक्षा तनाव कम करने पर चर्चा करेंगे। रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर प्रतियोगिता का भी ऑप्शन िदया गया है। प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, एग्जाम वॉरियर पुस्तक और पीपीसी किट दी जाएगी। टॉप 10 लेजेंडरी एग्जाम वॉरियर्स को प्रधानमंत्री आवास जाने का मौका भी मिलेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुचर्चित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को लेकर अलवर जिला लक्ष्य से पीछे चल रहा है। शिक्षा विभाग ने जिले को 2 लाख 56 हजार 913 विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य दिया है, लेकिन 37 दिन में अभी तक केवल 1.42 लाख स्टूडेंट्स का ही पंजीकरण हो पाया है। यानी कुल लक्ष्य का करीब 55 प्रतिशत। अब अंतिम तारीख 11 जनवरी तक शेष 5 दिनों में 1.14 लाख रजिस्ट्रेशन कराना शिक्षा अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।