जोधपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पुलिस का एक्शन:37 दिन में 8 हजार से ज्यादा चालान काटे, मोबाइल बाइक से भी रखी जा रही नजर
जोधपुर शहर में ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने का आधुनिक और स्मार्ट तरीका अपनाया है। अब पुलिसकर्मी सड़क पर रुकवाकर नहीं, बल्कि मोबाइल से फोटो खींचकर चालान बना रही है। पिछले 37 दिन में इसी तकनीक से 8746 चालान जारी किए गए हैं। पुलिस मोबाइल बाइक के जरिए भी चालान बना रही है। इन बाइक को एम्स रोड, मंडोर रोड, झालामंड रोड पर लगाया गया है। यातायात पुलिस ने यह अभियान 26 नवंबर 2025 से वॉयलेशन ऑन कैमरा (VOC) मोबाइल ऐप के जरिए शुरू किया था। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय एवं यातायात) शहीन सी. ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। अब ट्रैफिक पुलिसकर्मी को केवल नियम तोड़ने वाले वाहन की फोटो लेनी होती है। यह फोटो ऐप में अपलोड करते ही वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर चालान स्वतः बन जाता है। इसके बाद वाहन मालिक को एसएमएस के जरिए चालान का नोटिफिकेशन भेजा जाता है। साल 2025 में 2024 की तुलना में चालान 45 प्रतिशत ज्यादा रहे। वहीं, नए सिस्टम के जरिए सिर्फ 37 दिन में ही 8746 चालान जारी हो चुके हैं। पुलिस का यह भी दावा है कि कठोर कार्रवाई और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट से शराब पीकर वाहन चलाने और तेज गति से ड्राइविंग करने के मामलों में कमी आई है। डीसीपी ने अपील की है कि वाहन चालक एमवी एक्ट के सभी नियमों की पालना करें, क्योंकि चालान से ज्यादा महत्वपूर्ण जीवन की सुरक्षा है।
जोधपुर में ट्रैफिक पुलिस की ओर से नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहन चालकों के चालान बनाए जा रहे हैं।
जोधपुर शहर में ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने का आधुनिक और स्मार्ट तरीका अपनाया है। अब पुलिसकर्मी सड़क पर रुकवाकर नहीं, बल्कि मोबाइल से फोटो खींचकर चालान बना रही है। पिछले 37 दिन में इसी तकनीक से 8746 चालान जारी किए गए हैं। पुलिस मोबाइल बाइक के जरिए भी
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यातायात पुलिस ने यह अभियान 26 नवंबर 2025 से वॉयलेशन ऑन कैमरा (VOC) मोबाइल ऐप के जरिए शुरू किया था। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय एवं यातायात) शहीन सी. ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है। अब ट्रैफिक पुलिसकर्मी को केवल नियम तोड़ने वाले वाहन की फोटो लेनी होती है। यह फोटो ऐप में अपलोड करते ही वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर चालान स्वतः बन जाता है। इसके बाद वाहन मालिक को एसएमएस के जरिए चालान का नोटिफिकेशन भेजा जाता है।
