एसओजी की जांच में खुलासा:फर्जी दस्तावेज और डमी बैठाकर सिपाही बने, 38 पर एफआईआर
पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार के बीच एक बार फिर एसओजी ने कांस्टेबल भर्ती 2018 व 2021 में फर्जी दस्तावेज और डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी पाने वाले 38 सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसओजी जांच में आरोपी सिपाहियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। इनमें 2018 बैच के 26 और 2021 बैच के 12 कांस्टेबल हैं। एसओजी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि कई सिपाहियों के हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ और कुछ के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को जल्द ही पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 में एक शिकायत के आधार पर पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने जालोर के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पिछले पांच साल की गई सभी कांस्टेबल भर्तियों की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद जालोर एसपी ने जांच कराई तो कुछ मामलों में फर्जी हस्ताक्षर के मामले आए। इसके बाद दोनों परीक्षाओं की जांच के लिए कमेटी बना दी गई। फॉरेंसिक जांच में 38 पुलिसकर्मियों के फोटो और हस्ताक्षर भर्ती के समय जमा दस्तावेजों से मेल नहीं खाए। इस पर समिति की रिपोर्ट एसओजी को भेजी गई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 2018 की भर्ती में 26 कांस्टेबल आरोपी 2021 की भर्ती के 12 सिपाहियों पर केस जांच में सभी के खिलाफ सबूत हैं, इन सभी पर कड़ी कार्रवाई करेंगे : एसओजी "जिला आंतरिक कमेटी की जांच में ये सभी पुलिसकर्मी संदिग्ध पाए गए हैं। इनके आवेदन पत्र, फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच में भिन्नता (मिसमैच) सामने आई है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है।" - विशाल बंसल, एडीजी एसओजी
पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार के बीच एक बार फिर एसओजी ने कांस्टेबल भर्ती 2018 व 2021 में फर्जी दस्तावेज और डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी पाने वाले 38 सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एसओजी जांच में आरोपी सिपाहियों के खिलाफ पुख्ता सबूत म
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एसओजी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि कई सिपाहियों के हस्ताक्षर का मिलान नहीं हुआ और कुछ के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को जल्द ही पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 में एक शिकायत के आधार पर पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने जालोर के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पिछले पांच साल की गई सभी कांस्टेबल भर्तियों की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद जालोर एसपी ने जांच कराई तो कुछ मामलों में फर्जी हस्ताक्षर के मामले आए। इसके बाद दोनों परीक्षाओं की जांच के लिए कमेटी बना दी गई। फॉरेंसिक जांच में 38 पुलिसकर्मियों के फोटो और हस्ताक्षर भर्ती के समय जमा दस्तावेजों से मेल नहीं खाए। इस पर समिति की रिपोर्ट एसओजी को भेजी गई। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।