फायर उपकरण सप्लाई के नाम पर 3.84 लाख की ठगी:गुरुग्राम की फर्म संचालक और बिचौलिए पर संगरिया में केस दर्ज
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में फायर उपकरण और पंप की सप्लाई के नाम पर 3 लाख 84 हजार 90 रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शाहपीनी गांव निवासी हरदीप सिंह ने गुरुग्राम की एक फर्म के संचालक और संपर्क व्यक्ति के खिलाफ संगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एएसआई विजय सिंह ने बताया- पीड़ित हरदीप सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि वह शाहपीनी स्क्वेयर के मालिक हैं। उन्होंने गांव में फायर सेफ्टी के लिए उपकरण और पंप लगवाने हेतु गुरुग्राम स्थित डीपीजी फायर फर्म से संपर्क किया था। इस फर्म की प्रोपराइटर दीक्षा रावत बताई गई हैं, जबकि गौरव राघव संपर्क व्यक्ति के रूप में कार्य कर रहा था। सौदे के तहत हरदीप सिंह ने 5 जुलाई से 12 जुलाई 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक के माध्यम से कुल 3,84,090 रुपए फर्म को हस्तांतरित किए। समझौते के अनुसार अंतिम भुगतान के तीन दिन के भीतर फायर उपकरण और पंप की सप्लाई की जानी थी। हालांकि, राशि प्राप्त होने के बाद भी फर्म द्वारा कोई सामान नहीं भेजा गया। पीड़ित का आरोप है कि लंबे समय तक टालमटोल की जाती रही। हरदीप सिंह के अनुसार 6 सितंबर 2025 को संपर्क व्यक्ति गौरव राघव ने स्पष्ट रूप से सामान भेजने से इनकार कर दिया। उन्होंने कथित तौर पर ठगी करने की बात स्वीकार की और पीड़ित को धमकी भी दी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि फर्म संचालक और संपर्क व्यक्ति ने आपसी मिलीभगत से यह धोखाधड़ी की है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच एएसआई विजय सिंह को सौंपी गई है।
पीड़ित ने गुरुग्राम की फर्म संचालक और बिचौलिए के खिलाफ संगरिया में ठगी का मामला दर्ज कराया है।
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में फायर उपकरण और पंप की सप्लाई के नाम पर 3 लाख 84 हजार 90 रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शाहपीनी गांव निवासी हरदीप सिंह ने गुरुग्राम की एक फर्म के संचालक और संपर्क व्यक्ति के खिलाफ संगरिया थाने में रिप
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एएसआई विजय सिंह ने बताया- पीड़ित हरदीप सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि वह शाहपीनी स्क्वेयर के मालिक हैं। उन्होंने गांव में फायर सेफ्टी के लिए उपकरण और पंप लगवाने हेतु गुरुग्राम स्थित डीपीजी फायर फर्म से संपर्क किया था।
इस फर्म की प्रोपराइटर दीक्षा रावत बताई गई हैं, जबकि गौरव राघव संपर्क व्यक्ति के रूप में कार्य कर रहा था। सौदे के तहत हरदीप सिंह ने 5 जुलाई से 12 जुलाई 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक के माध्यम से कुल 3,84,090 रुपए फर्म को हस्तांतरित किए।