राजस्थान के 4-जिलों में ढाई करोड़ के नशीले पदार्थ पकड़े:2 गाड़ियां भी जब्त; एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्रवाई
राजस्थान में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य के जालोर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और कोटा जैसे अलग-अलग जिलों में एकसाथ की गई इस कार्रवाई में करीब ढाई करोड़ रुपए कीमत का मादक पदार्थ जब्त किया गया है। इसके साथ ही दो महंगी लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ियां भी पकड़ी गई हैं और कई शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि कहीं कोचिंग स्टूडेंट्स के भविष्य पर स्मैक जैसे नशे का जहर फैलाया जा रहा था, तो कहीं होटल के तहखाने को मेवाड़ और मारवाड़ में नशे की सप्लाई का वेयरहाउस बना लिया गया था। तस्कर अलग-अलग तरीकों से नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे थे और इसे आसान कमाई का जरिया बना चुके थे। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में अभियान ATS और ANTF के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी कार्रवाई राजस्थान ANTF के अतिरिक्त महानिदेशक एम.एन. दिनेश के नेतृत्व में की गई। अलग-अलग जिलों में टीमों को तैनात कर एक साथ कई अभियान चलाए गए। इस दौरान करीब 1500 किलोग्राम डोडा पोस्त, लगभग 600 ग्राम अफीम और दो लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ियां जब्त की गईं। साथ ही कई तस्करों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई। पहली कार्रवाई: कोटा में स्मैक सप्लाई का भंडाफोड़ ANTF की पहली बड़ी कार्रवाई कोटा में की गई, जहां लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कोचिंग सेंटर्स के आसपास पार्कों में बैठकर कुछ युवक छात्रों को स्मैक की पुड़िया बेच रहे हैं। ये तस्कर खास तौर पर कोचिंग के लंच टाइम और छुट्टी के समय सक्रिय रहते थे। टीम ने कई दिनों तक पार्कों में बैठकर निगरानी की और आने-जाने वालों पर नजर रखी। जांच में पता चला कि दो युवक छात्रों को नशा बेचते थे, जिसमें एक पैसे लेता और दूसरा दूर से इशारे पर सामान देता था। ANTF की टीम ने कुछ छात्रों से बातचीत कर इनपुट लिया तो सामने आया कि कई युवा नशे के आदी हो चुके हैं। इसके बाद टीम ने पूरी योजना के साथ दोनों स्मैक सप्लायरों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों ने पहले इसे ताकत का पाउडर बताने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ और तलाशी में 132.05 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार विकास पर पहले से NDPS एक्ट के दो मामले दर्ज थे, जबकि भरत पर पहले ही पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दूसरी कार्रवाई: चित्तौड़गढ़-उदयपुर मार्ग पर हाई-स्पीड पीछा दूसरी बड़ी कार्रवाई चित्तौड़गढ़-उदयपुर क्षेत्र में हुई। मध्य प्रदेश के जावद इलाके से लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। मुखबिर से जानकारी मिली कि बाड़मेर का एक कुख्यात तस्कर सफेद एमपी पासिंग स्कॉर्पियो में बड़ी मात्रा में माल भरवाकर रात में रवाना होने वाला है। इस पर ANTF की दो टीमों ने निम्बाहेड़ा के पास जाल बिछाया और संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया। पीछा होने का शक होते ही तस्करों ने तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी। निम्बाहेड़ा से उदयपुर के वल्लभनगर इलाके तक लगातार पीछा चला। वल्लभनगर के पास टीम ने वाहन के टायर फोड़ दिए, लेकिन इसके बावजूद तस्कर पंचर टायर पर ही गाड़ी दौड़ाते रहे। आखिरकार इंडीया गांव के पास गाड़ी को रोक लिया गया। तलाशी में 486 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 73 लाख रुपए आंकी गई। तीसरी कार्रवाई: दिवेर घाटी में नाकेबंदी तीसरी कार्रवाई जालोर-राजसमंद क्षेत्र में की गई। पहले पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में सामने आया कि राजसमंद की दिवेर घाटी को सुरक्षित समझकर लंबे समय से तस्करी की जा रही थी। ANTF ने पूरे घाटी क्षेत्र का सर्वे किया और नाकेबंदी की योजना बनाई। घाटी की शुरुआत में स्थित एक होटल के वेटर को मुखबिर बनाया गया। दो दिन तक कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन तीसरे दिन शाम को सफेद स्कॉर्पियो में माल आने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही तीन जगह नाकेबंदी की गई। संदिग्ध स्कॉर्पियो पर सवार तस्करों ने टीम पर हमला करते हुए भागने की कोशिश की। ANTF ने अदम्य साहस दिखाते हुए वाहन का टायर फोड़ दिया, फिर भी तस्कर पंचर गाड़ी से भागते रहे। करीब सात-आठ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद टीम ने वाहन को पकड़ लिया। इस कार्रवाई में 447 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 67 लाख रुपए बताई जा रही है। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तस्करों के खिलाफ सुराग मिले हैं। चौथी कार्रवाई: उदयपुर में ढाबे का तहखाना बना गोदाम चौथी कार्रवाई उदयपुर में की गई। सूचना थी कि उदयपुर-राजसमंद रोड पर एक ढाबे में तस्करों ने गोदाम बना रखा है। जांच में शक आरव रेस्टोरेंट पर गया, जहां संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही ज्यादा थी। बोगस ग्राहक भेजकर पुष्टि की गई तो मामला साफ हो गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से ढाबे पर छापा मारा गया, जहां एक तहखाना नुमा जगह का खुलासा हुआ। भारी मात्रा में नशा बरामद तहखाने से अलग-अलग पोटलियों में डोडा चूरा और छोटी डिब्बियों में अफीम बरामद हुई। 10-10 ग्राम की 50 से ज्यादा डिब्बियां अफीम की मिलीं, जबकि 250-250 ग्राम की कई पोटलियां डोडा चूरा की थीं। कुल 415 किलोग्राम डोडा चूरा और करीब 460 ग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 65 लाख रुपए बताई गई है। इस मामले में दो तस्कर उदयलाल और शंकरलाल को गिरफ्तार किया गया। ANTF की इस एकसाथ की गई कार्रवाई ने नशा तस्करों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए ANTF पूरी ताकत से काम कर रही है।