लॉरेंस की फिरौती वसूली ट्रेल के 4 आरोपी गिरफ्तार, यूएसडीटी में बदल पासवर्ड दे देते, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में खपती थी रकम
अंकित भादू के जरिए लॉरेंस गैंग का हिस्सा बने आरजू व शैंकी : लॉरेंस बिश्नोई के शूटर शेरेवाला निवासी अंकित भादू के साथ पढ़े खैरपुर निवासी आरजू बिश्नोई, साहिल उर्फ शैंटी और अक्षय बिश्नोई गैंग के सदस्य बने। अक्षय बिश्नोई अभी लाखासर मर्डर मामले में पीलीबंगा पुलिस के हाथों गिरफ्तार होकर जेल में है। वह पूर्व से ही लॉरेंस गैंग से जुड़ा हुआ रहा है। अक्षय बिश्नोई अभी गिरफ्तार किए गए कुलदीप बिश्नोई की बहन का बेटा है। साहिल उर्फ शैंटी पर 2017 में लालगढ़ थाने में हत्या और डकैती का, बहाव वाला थाना में 2018 मेंं डकैती का, 2019 में पैरोल से फरार होने का, 2022 में कोतवाली में राजकार्य में बाधा डालने का तथा 2024 में दिल्ली में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। वह 2019 से ही फरार है। डिटेन किया गया जयमल जांदू 32 पीएस का, बलजिंद्र उर्फ विनोद भादू 44 आरबी का रहने वाला है। जयमल से ऊपर की और योगेश से नीचे की चेन का लगेगा पता : प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईपीएस विशाल जांगिड़, जांच अधिकारी एएसपी भंवरलाल, एएसपी रामेश्वरलाल ने बताया कि 32 पीएस सांवतसर निवासी जयपाल जांदू जोधपुर में रहता था। इसे डिटेन किया गया है। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि उक्त एक करोड़ रुपए की रकम उसको किसने दी। यानी इससे रकम को देने वाली ऊपर की चेन का पता लगाएंगे। कुलदीप के बेटे योगेश बिश्नोई से उक्त रकम को नीचे किस किसको देनी थी, इसका पता चलेगा। अन्य आरोपी यूएसडीटी से उक्त रकम तीनों राज्यों में किन किनको अब से पहले ट्रांसफर कर चुके, इसकी चेन खुलेगी। पूरा नेटवर्क पकड़वाने में रायसिंहनगर के एएसआई जगतारसिंह की विशेष भूमिका रही है। इनको गैलेंट्री प्रमोशन की सिफारिश की जाएगी। भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर जिला पुलिस की ओर से पहली बार लॉरेंस गैंग की फाइनेंशियल ट्रेल का पता लगाया है। इस संबंध में चार आरोपी गिरफ्तार किए हैं जबकि चार आरोपियों को डिटेन किया हुआ है। इसमें रायसिंहनगर पुलिस की ओर से 29 दिसंबर की रात को पकड़ी गई 90 लाख 84900 रुपए की रकम जोधपुर में फिरौती वसूली के एक करोड़ का हिस्सा थी। फिरौती वसूली की रकम को पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में खपाने वाली चेन पहली बार पकड़ में आई है। एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रायसिंहनगर क्षेत्र के 35 एनपी निवासी 50 वर्षीय कुलदीप कुमार, उसके बेटे 30 वर्षीय योगेशकुमार, सतजंडा निवासी 20 वर्षीय अमनकुमार तथा 38 वर्षीय रामस्वरूप को रंगदारी की वसूली रकम को खपाने में मदद करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि योगेश ने अपने पिता कुलदीप तथा दोस्तों-अमन और रामस्वरूप को जोधपुर से रकम लेकर आने को भेजा था। जोधपुर में श्रीगंगानगर निवासी जयमल जांदू ने यह रकम कुलदीप को सौंपी थी। जयमल जोधपुर में रह रहा था और लॉरेंस गैंग की ओर से फिरौती की रकम वसूली में मदद का काम करता था। जयमल को एक करोड़ रुपए मिले थे। इसमें से उसने अपने हिस्से के 9 लाख 15 हजार रुपए रखकर शेष रकम कुलदीप को सौंप दी थी। इसमें संगठित अपराध की ओर से फिरौती वसूली का मामला दर्ज करके इनको जांच अधिकारी आरपीएस भंवरलाल द्वारा गिरफ्तार किया गया है। एसपी डॉ. अमृता ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे आरजू बिश्नोई द्वारा यह फिरौती वसूली का ट्रेल चलाया जा रहा था। आरजू बिश्नोई, अबोहर निवासी साहिल उर्फ शैंटी तथा अक्षय बिश्नोई गहरे दोस्त हैं। आरजू के लिए ये दोनों फिरौती की वसूली रकम को लेकर नीचे और ऊपर पहुंचाने का काम करते हैं। शैटी बिश्नोई की 35 एनपी निवासी कुलदीप बिश्नोई के बेटे योगेश के साथ दोस्ती है। सूरतगढ़ का मनीष शैंटी का बहनोई है। उसने अपने जीजा मनीष तथा दोस्त योगेश के मार्फत इससे पहले भी अनेक बार फिरौती की रकम को उठवाया हुआ है। योगेश अपने पिता तथा दोस्तों को रकम उठाने भेजता था। कुलदीप तथा अमन रायसिंहनगर में टेलरिंग का काम करते हैं जबकि रामस्वरूप टैक्सी किराए पर चलाता है। यूएसडीटी के जरिए तीन राज्यों में रुपए खपाने का नेटवर्क : अब तक के अनुसंधान में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी फिरौती की वसूली गई रकम को यूएसडीटी के जरिए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में खपाने का काम करते थे। फिरौती की रकम को ऐसे खातों में डिवाइड कर दिया जाता है जो खरीदे हुए होते हैं। इनमें रकम डालकर इसे यूएसडीटी में कन्वर्ट कर दिया जाता है। फिर इसके पासवर्ड ऊपर तथा नीचे के उन लोगों को बता दिया जाता है, जिन्होंने यह रकम उपयोग में लेनी होती है। यूएसडीटी को वापस नकदी में कन्वर्ट करके उपयोग में ले लिए जाते हैं। लॉरेंस गैंग के लिए तीनों राज्यों में काम कर रही स्लीपर सेल को हथियार खरीदने, फरारी काटने, रैकी करने में रुपयों की जरूरत पूरी होती थी। इसकी जांच को स्पेशल टीम गठित की गई है।