बाड़मेर में सीजन का सबसे घना कोहरा:नए साल की सुबह शीतलहर की चपेट में, मावठ हुई, तापमान 4 डिग्री गिरा
नए साल की शुरुआत बाड़मेर में ठंड और घने कोहरे के साथ हुई। मावठ की बारिश के बाद गुरुवार सुबह जिलेभर में सीजन का अब तक का सबसे घना कोहरा छा गया। हालात ऐसे रहे कि हाईवे और सड़कों पर 50 फीट की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आया। कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से वाहन चलाने पड़े। पिछले पांच साल में दिसंबर सबसे गर्म रहा, लेकिन नए साल की शुरुआत से पहले हुई मावठ की बारिश ने अचानक मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के बाद शीतलहर का असर बढ़ गया है और अब कड़ाके की ठंड के संकेत मिलने लगे हैं। बारिश की बूंदों के साथ हुई 2025 की विदाई दरअसल, साल 2025 की विदाई बारिश की बूंदों के साथ हुई। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब 1 बजे काले बादलों की गर्जना के बाद बारिश शुरू हो गई। रुक-रुक कर करीब एक घंटे तक बौछारें पड़ती रहीं। इसके अलावा बुधवार रात करीब 8.30 बजे भी जिले के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। दिसंबर रहा पिछले 5 सालों में सबसे गर्म इस बार दिसंबर महीने में सर्दी अपेक्षाकृत कम पड़ी। न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया। बुधवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री था, जो करीब 4 डिग्री गिरकर 24.2 डिग्री पर आ गया। मावठ से रबी फसलों को मिलेगा फायदा बाड़मेर जिले के ग्रामीण इलाकों में कई जगह अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मावठ की इस बारिश से रबी फसलों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। नवंबर में बुवाई के बाद अब फसलें ग्रोथ की अवस्था में हैं। मीठा पानी मिलने से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। इस बार सर्दी कम पड़ने से फसलों की ग्रोथ कमजोर रही थी, लेकिन अब बारिश के बाद ठंड बढ़ने से स्थिति सुधरने की उम्मीद है। घने कोहरे से हाईवे पर थमी रफ्तार गुरुवार सुबह बाड़मेर शहर से लेकर गांवों तक घना कोहरा छाया रहा। हाईवे पर हालात ज्यादा खराब रहे। रात और सुबह के समय कई जगह वाहनों को रोकना पड़ा। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर बेहद सतर्कता के साथ सफर करते नजर आए। मौसम विभाग का अलर्ट: अब पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी बाड़मेर जिले में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। बारिश के बाद ओस जमने से कोहरा बने रहने की संभावना है। वाहन चालकों को कोहरे के दौरान हेडलाइट जलाकर रखने और रफ्तार धीमी रखने की सलाह दी गई है। जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है, जिससे फसलों में पाले का खतरा भी बढ़ सकता है।