हिस्ट्रीशीटर हत्या मामला में एक और आरोपी गिरफ्तार:सीमलवाड़ा उपप्रधान के पति-बेटे सहित 4 पहले ही पकड़े जा चुके
डूंगरपुर में धम्बोला थाना पुलिस ने लिखीबड़ी गांव में हिस्ट्रीशीटर भूपत सिंह की हत्या के मामले में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही सीमलवाड़ा उपप्रधान के पति और उनके बेटे सहित 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। धम्बोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल ने बताया कि यह घटना 1 नवंबर को हुई थी। लिखीबड़ी निवासी मीनाक्षी ने 2 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पति भूपत सिंह श्रमिकों को छोड़ने सीमलवाड़ा गए थे। बाद में सूचना मिली कि सारोली निवासी जीवराम अहारी और उसका बेटा राजनारायण अहारी सहित अन्य लोग भूपत सिंह के साथ मारपीट कर रहे हैं। मीनाक्षी जब मौके पर पहुंचीं, तो भूपत का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। मीनाक्षी ने पुलिस को बताया कि भूपत सिंह ने जीवराम को 3 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसे वह लौटा नहीं रहा था। इसी विवाद के चलते जीवराम ने अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर भूपत सिंह की हत्या कर दी। पुलिस ने मीनाक्षी की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। छानबीन के बाद पुलिस ने सारोली निवासी जीवराम, उसके बेटे राजनारायण और उनके दो साथी बापूलाल व प्रकाश को गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त, दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया था। इस मामले में एक आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने अब आरोपी राहुल (19) पुत्र गोपाल अहारी मीणा निवासी अलवर, थाना धम्बोला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर भूपत सिंह की हत्या की थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।
डूंगरपुर में धम्बोला थाना पुलिस ने लिखीबड़ी गांव में हिस्ट्रीशीटर भूपत सिंह की हत्या के मामले में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही सीमलवाड़ा उपप्रधान के पति और उनके बेटे सहित 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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धम्बोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल ने बताया कि यह घटना 1 नवंबर को हुई थी। लिखीबड़ी निवासी मीनाक्षी ने 2 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पति भूपत सिंह श्रमिकों को छोड़ने सीमलवाड़ा गए थे। बाद में सूचना मिली कि सारोली निवासी जीवराम अहारी और उसका बेटा राजनारायण अहारी सहित अन्य लोग भूपत सिंह के साथ मारपीट कर रहे हैं।
मीनाक्षी जब मौके पर पहुंचीं, तो भूपत का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। मीनाक्षी ने पुलिस को बताया कि भूपत सिंह ने जीवराम को 3 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसे वह लौटा नहीं रहा था। इसी विवाद के चलते जीवराम ने अपने बेटे और अन्य साथियों के साथ मिलकर भूपत सिंह की हत्या कर दी।