4 आदतन अपराधी जिले से निष्कासित:झालावाड़ में गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान
झालावाड़ में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ ने राजस्थान गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1975 के तहत चार आदतन अपराधियों को जिले से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि निष्कासित किए गए अपराधियों में कसाई मोहल्ला, झालावाड़ निवासी वसीम पुत्र असलम और झालरापाटन थाना क्षेत्र के तीन अन्य आरोपी शामिल हैं। इन अपराधियों के खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के कारण पुलिस ने गुण्डा एक्ट के तहत इस्तगासा तैयार कर जिला कलेक्टर को भेजा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने चारों अपराधियों को तीन-तीन माह के लिए अलग-अलग जिलों में निष्कासित करने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार, इन अपराधियों को बूंदी जिले के लाखेरी और केशवराय पाटन थाना क्षेत्रों तथा प्रतापगढ़ जिले के अरनोद और धरियावद थाना क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक रहना होगा। इस दौरान वे झालावाड़ जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। आदेश जारी होने के बाद सभी अपराधियों की संबंधित थानों में उपस्थिति दर्ज कराई गई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि ये अपराधी लंबे समय से आमजन में भय का माहौल पैदा कर रहे थे। इनके खिलाफ साधारण कानूनों के तहत की गई कार्रवाई प्रभावी साबित नहीं हो रही थी, और डर के कारण पीड़ित लोग इनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने से भी हिचकिचाते थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति और भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
झालावाड़ में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने 4 आदतन अपराधियों को जिले से निष्कासित किया।
झालावाड़ में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ ने राजस्थान गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1975 के तहत चार आदतन अपराधियों को जिले से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है।
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पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि निष्कासित किए गए अपराधियों में कसाई मोहल्ला, झालावाड़ निवासी वसीम पुत्र असलम और झालरापाटन थाना क्षेत्र के तीन अन्य आरोपी शामिल हैं। इन अपराधियों के खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के कारण पुलिस ने गुण्डा एक्ट के तहत इस्तगासा तैयार कर जिला कलेक्टर को भेजा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने चारों अपराधियों को तीन-तीन माह के लिए अलग-अलग जिलों में निष्कासित करने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार, इन अपराधियों को बूंदी जिले के लाखेरी और केशवराय पाटन थाना क्षेत्रों तथा प्रतापगढ़ जिले के अरनोद और धरियावद थाना क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक रहना होगा। इस दौरान वे झालावाड़ जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।