साल के पहले दिन श्रीसांवलिया मंदिर में भारी भीड़:सुबह 4 बजे से लगी लंबी लाइन, दर्शन के लिए लंबा इंतजार
नए साल के पहले ही दिन भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। 1 जनवरी की अलसुबह करीब 4 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जैसे-जैसे सुबह हुई, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई। कई भक्त तो ऐसे भी थे जो नए साल से एक रात पहले ही सांवलिया धाम पहुंच गए थे, ताकि साल की शुरुआत ठाकुर जी के दर्शन के साथ कर सकें। पूरे मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की चहल-पहल और जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क हुआ ठप, संपर्क बना चुनौती। सुबह से शाम तक बनी रही भारी भीड़, दर्शन के लिए लंबा इंतजार श्री सांवलिया सेठ मंदिर में पूरे दिन भीड़ का आलम ऐसा रहा कि शाम तक भी इसमें कोई खास कमी नहीं आई। मंदिर के अंदर दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालुओं को करीब एक से डेढ़ घंटे में ठाकुर जी के दर्शन हो पा रहे थे, वहीं मंदिर के बाहर खड़े श्रद्धालुओं को लाइन तक पहुंचने में ही करीब दो घंटे का समय लग रहा था। गर्मजोशी और उत्साह के बावजूद श्रद्धालु धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। भक्तों का कहना था कि चाहे जितना समय लगे, लेकिन नए साल के दिन सांवरा सेठ के दर्शन करने का सौभाग्य मिल जाए, यही सबसे बड़ी खुशी है। देश के कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु नए साल के मौके पर श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दूर-दूर से आए भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों में भी “जय सांवलिया सेठ” और “सांवरा सेठ की जय” के जयकारे गूंजते रहे। जहां-जहां श्रद्धालु खड़े थे, वहां भक्ति का माहौल नजर आया। पूरे क्षेत्र में ऐसा लग रहा था मानो आस्था ने हर दिशा को जोड़ दिया हो। भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क हुआ ठप, संपर्क बना चुनौती श्रद्धालुओं की ज्यादा संख्या के कारण मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह जाम हो गया। वहां मौजूद लोगों के न तो कॉल लग पा रहे थे और न ही कॉल आ रहे थे। इससे श्रद्धालुओं को अपने साथ आए परिजनों और साथियों से संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। लोग आपसी सहयोग और समझदारी के साथ एक-दूसरे की मदद करते नजर आए। कई श्रद्धालु इसे भी सांवलिया सेठ की परीक्षा मानते हुए मुस्कुराते हुए आगे बढ़ते रहे। कोरोना काल के बाद बढ़ा सांवलिया सेठ पर विश्वास कोरोना काल के बाद से श्री सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा है। कठिन समय में लोगों ने ठाकुर जी पर भरोसा रखा और अब उसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां आता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। यही कारण है कि नए साल की शुरुआत भी लोग सांवरा सेठ के दर्शन से करना चाहते हैं, ताकि पूरे साल पर ठाकुर जी की कृपा बनी रहे। भव्य सजावट से सजा मंदिर, भक्तों को मिला अलौकिक अनुभव नए साल के अवसर पर मंदिर प्रशासन की ओर से पूरे मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक लाइटिंग और सजावटी सामग्री से मंदिर को भव्य रूप दिया गया। सजावट के कारण मंदिर परिसर बेहद सुंदर नजर आ रहा था। श्रद्धालुओं ने सजावट की सराहना की। सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम, प्रशासन रहा सतर्क भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर मंडल और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर की व्यवस्था के लिए मंदिर मंडल की CEO और ADM प्रशासन प्रभा गौतम भी सुबह 5 बजे से पहले ही मंदिर पहुंच गई। मंदिर परिसर में गार्ड्स की तैनाती की गई, वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से भी बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता लगाया गया। यातायात, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की सतर्कता और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही और श्रद्धालुओं को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।