भक्तों ने बहिराणा साहिब में 40 अखा आहुति अर्पित कर 40 दिनी तपस्या का समर्पण किया
भास्कर संवाददाता| पाली भगवान झूलेलालजी के 26वें वंशज ठकुर सांई मनीषलाल साहिबजी ( साईं भरूच वारा ) के सान्निध्य में नाहिरी माह के पूज्य चालीहा साहिब व्रत का शुक्रवार को समापन हुआ। अंतिम दिन श्री झूलेलाल ठकुर आसनलाल मंदिर में सुबह 9 बजे बहिराणा साहिब का आयोजन किया। जिसमें व्रतधारी भक्तों ने बहिराणा साहिब में 40 अखा आहुति अर्पित करके 40 दिन की तपस्या का समर्पण किया। इसके बाद बहिराणा साहिब की शोभायात्रा निकाली। 3 किमी की शोभायात्रा में 400 लोग झूलेलाल मंदिर से शुरू होकर बाबा रामदेव मंदिर, शीतला माता मंदिर, रामदेव रोड होते हुए झूलेलाल मंदिर सिंधी कॉलोनी, सत्यनारायण मार्ग, भेरू घाट से होते हुए लाखोटिया तालाब में विसर्जन हुआ। तालाब में पूजा-अर्चना करके विधि-विधान से ज्योत साहिब का जल में विसर्जन किया। इस दौरान रास्ते में समाज संस्थाओं द्वारा शोभायात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत किया। 50 लोगों ने की 40 दिनी तपस्या : चालीहा साहब व्रत में समाज के 50 लोगो ने 40 दिनी तपस्या(एकासणा) किया। इसमें एक समय ही प्रसाद ग्रहण करते किया। लेकिन रात के 12 बजे के बाद अन्न और जल ग्रहण नहीं करते थे। अगले दिन 12 बजे झुलेलाल की पूजा अर्चना के बाद ही ग्रहण जल ग्रहण करते थे। इसके बाद समय का प्रसाद ग्रहण किया। सेवादार हेमंत तनवानी ने बताया कि हिन्दुस्तान में सिन्धी समाज का मुख्य प्राचीन तीर्थ स्थान श्री झूलेलाल (वरुणदेव) मंदिर भरुच में हैं। जहां पूज्य उडेरोलाल मंदिर, सिन्ध से लाई गई पूज्य अखंड ज्योत साहिब स्थापित है। वर्ल्ड बुक एवं इण्डियन बुक ऑफ रिकार्ड से सम्मानित इस मंदिर में जल और ज्योत की पूजा होती है। ऋषि मुनियों के तप की भूमि नर्मदा के तट पर स्थित इस मंदिर में भगवान श्री झूलेलाल जी के 26 वे वंशज ठकुर सांई मनीष लाल साहिब गादेश्वर है।
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भगवान झूलेलालजी के 26वें वंशज ठकुर सांई मनीषलाल साहिबजी ( साईं भरूच वारा ) के सान्निध्य में नाहिरी माह के पूज्य चालीहा साहिब व्रत का शुक्रवार को समापन हुआ। अंतिम दिन श्री झूलेलाल ठकुर आसनलाल मंदिर में सुबह 9 बजे बहिराणा साहिब का आयोजन किया। जिसमें व्रतधारी भक्तों ने बहिराणा साहिब में 40 अखा आहुति अर्पित करके 40 दिन की तपस्या का समर्पण किया।
इसके बाद बहिराणा साहिब की शोभायात्रा निकाली। 3 किमी की शोभायात्रा में 400 लोग झूलेलाल मंदिर से शुरू होकर बाबा रामदेव मंदिर, शीतला माता मंदिर, रामदेव रोड होते हुए झूलेलाल मंदिर सिंधी कॉलोनी, सत्यनारायण मार्ग, भेरू घाट से होते हुए लाखोटिया तालाब में विसर्जन हुआ। तालाब में पूजा-अर्चना करके विधि-विधान से ज्योत साहिब का जल में विसर्जन किया। इस दौरान रास्ते में समाज संस्थाओं द्वारा शोभायात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत किया।