स्विट्ज़रलैंड: नए साल के जश्न के दौरान बार में आग लगने से कम से कम 40 लोगों की मौत, जानिए पूरा मामला
आग लगने की वजहों को लेकर सरकार के अधिकारियों ने क्या कहा?

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इमेज कैप्शन, दक्षिणी स्विट्ज़रलैंड के एक स्की रिसॉर्ट में बना 'ले कॉन्स्टेलेशन', जिसमें लगी आग से 40 लोगों की मौत हो गई.
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- Author, जेमा क्रू और गैब्रियेला पॉमरॉय
- 2 घंटे पहले
दक्षिणी स्विट्ज़रलैंड के एक स्की रिसॉर्ट में बने एक बार में लगी भीषण आग में क़रीब 40 लोगों की मौत हो गई है.
पुलिस के मुताबिक़ 40 लोगों की मौत के अलावा हादसे में 115 लोग घायल हुए हैं. इनमें से कइयों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
आग नए साल के जश्न के दौरान रात क़रीब डेढ़ बजे लगी. आग क्रांस-मोंटाना के 'ले कॉन्स्टेलेशन' नाम के बार में लगी.
घटना की जांच कर रहे अधिकारियों ने आग लगने के वजह की अभी पुष्टि नहीं की है. लेकिन किसी भी तरह के हमले की आशंका को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है.
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इस हादसे में कई देशों के लोग प्रभावित हुए हैं. रीजनल पुलिस कमांडर फ्रेडरिक गिस्लर ने कहा कि आने वाले दिनों में प्राथमिकता मृतकों की पहचान करना है ताकि उनके शव जल्द से जल्द परिवारों को सौंपे जा सकें.
पर्यटकों के बीच लोकप्रिय वैले क्षेत्र में आग की इस घटना के बाद रातोंरात राहत और बचाव के लिए 13 हेलिकॉप्टर, 42 एंबुलेंस और 150 आपातकर्मी मौक़े पर तैनात किए गए हैं.
रीजनल गवर्नर मैथियास रेनार्ड ने बताया कि ज़्यादातर घायल गंभीर रूप से जले हुए हैं. 60 लोगों को वैले के सियोन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से काफ़ी लोगों की हालत नाज़ुक है.
आग के बारे में अब तक क्या पता है?

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इमेज कैप्शन, 'ले कॉन्स्टेलेशन' बार के बाहर मृतकों को श्रद्धांजलि देते लोग
रेनार्ड ने कहा कि अस्पताल की आईसीयू पूरी तरह भर चुकी है.
उन्होंने यह भी कहा, "हमें इस बात का गहरा अहसास है कि मृतकों और घायलों की पहचान में अभी परिवारों को काफ़ी लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है."
कुछ घायलों को स्विट्ज़रलैंड के अन्य शहरों, जैसे लॉज़ान और ज़्यूरिख, वगैरह के अस्पतालों में भेजा गया है, जहां जल गए लोगों के इलाज के लिए ख़ास यूनिट्स हैं.
लॉज़ान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के प्रवक्ता ने बताया कि वहां 22 जले हुए मरीज़ों का इलाज चल रहा है, जबकि ज़्यूरिख यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में 12 मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है.
कुछ मरीज़ों को जेनेवा यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स में भी भेजा गया है. वहां गंभीर रूप से जलने वालों का इलाज किया जा रहा है.
बीबीसी के 'वर्ल्ड टुनाइट' कार्यक्रम से बात करते हुए डॉक्टर रॉबर्ट लारिबो ने बताया कि ये मरीज़ ' क़ाफी युवा हैं, जिनकी उम्र 15 से 25 साल के बीच है".
डॉ. लारिबो ने कहा, "आग इतनी तेज़ थी कि जलने के ज़ख़्म अंदरूनी भी हो सकते हैं. लोगों के फेफड़ों में जहरीला धुआं घुस चुका है.''
'फ्लैशओवर इफे़क्ट'

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इमेज कैप्शन, आग में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता शख़्स
यूके एसोसिएशन ऑफ फायर इन्वेस्टिगेटर्स के अध्यक्ष रिचर्ड हैगर ने बताया कि आग को इतना घातक बनाने में जिस 'फ्लैशओवर' असर की भूमिका मानी जा रही है, वह ख़तरनाक होता है.
उन्होंने कहा, ''शुरुआत में आग लगती है, लपटें और गर्मी ऊपर छत तक जाती हैं और फिर चारों ओर फैल जाती हैं. यह गर्मी नीचे की ओर आती है और फर्नीचर, मेज जैसी चीज़ों को गर्म कर देती है. तापमान इतना बढ़ जाता है कि ये चीजें ज्वलनशील गैस छोड़ने लगती हैं."
"फिर यह गैस बहुत तेज़ी से जल उठती है. कुछ ही सेकंड में पूरा कमरा आग की चपेट में आ जाता है."
इटली के विदेश मंत्रालय ने बीबीसी को बताया कि उसके 16 नागरिक फ़िलहाल लापता हैं जबकि 12 से 15 अन्य अस्पताल में इलाज करा रहे हैं.
फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके आठ नागरिक लापता हैं और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मृतकों में फ़्रांसीसी नागरिक भी शामिल हों.
फ़्रांसीसी मीडिया के मुताबिक़, कम से कम दो घायल फ़्रांसीसी नागरिक हैं.
इटली के पार्षद गुइडो बर्तोलासो ने बताया कि तीन इतालवी नागरिकों को मिलान के निगुआर्दा अस्पताल ले जाया जा रहा है, जहां जलने के इलाज के लिए बड़ी यूनिट है.
उन्होंने बताया कि उनके शरीर का '30 से 40 फ़ीसदी हिस्सा' झुलस गया है. वे अभी वेंटिलेटर पर हैं.
मृतकों और घायलों की सटीक संख्या और उनकी राष्ट्रीयताएं अभी साफ़ नहीं हैं, लेकिन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इसमें कई देशों के लोग शामिल हैं.
गुरुवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने कहा कि आग लगने के समय बार में कितने लोग मौजूद थे, यह फ़िलहाल पता नहीं है.

स्टेट काउंसलर स्तेफान गैंज़र ने बताया कि नए साल की पार्टी के दौरान यह बार 'युवा और जश्न मनाने वाली भीड़' से भरा हुआ था.
अटॉर्नी जनरल बीएत्रिस पिलूद ने कहा है कि इस 'बेहद दर्दनाक स्थिति' के कारणों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पत्रकारों ने उनसे उन अफ़वाहों के बारे में सवाल किया, जिनमें कहा जा रहा है कि फ्लेयर लगी शैंपेन की बोतलें आग लगने की वजह हो सकती हैं और यह भी पूछा गया कि क्या बार की सीढ़ियां 'बहुत संकरी' थीं.
पिलूद ने जवाब दिया कि जब तक जांच जारी है, तब तक वह किसी भी बात की पुष्टि नहीं की जा सकती.
उन्होंने कहा कि सीढ़ियां देखने में संकरी ज़रूर लगती हैं, लेकिन जांच में यह परखा जाएगा कि वे तय मानकों और नियमों के अनुरूप थीं या नहीं.
पिलूद के मुताबिक़, आग लगने के कारण को लेकर 'कई संभावनाएं' सामने रखी गई हैं.
फिलहाल जिस सिद्धांत को सबसे अधिक माना जा रहा है, वह 'सामान्य आग से भयानक रूप लेने वाली आग' का है, यानी विस्फोट नहीं, बल्कि एक बड़ी आग जिसने भारी तबाही मचाई.
उन्होंने बताया कि कई चश्मदीदों से पूछताछ की जा चुकी है और जांच के लिए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.
पिलूद ने साफ शब्दों में कहा, ''किसी भी स्तर पर हमले का कोई सवाल ही नहीं है.''
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों की पहचान कर उनके शवों को जल्द से जल्द परिवारों को सौंपने का काम जारी है.
उन्होंने कहा, "इसके लिए बहुत बड़ा और जटिल काम करना होगा और इस काम के लिए पूरे इलाके को बंद करना पड़ेगा."
जहां आग लगी वो जगह कैसी है?

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इमेज कैप्शन, आग लगने के बाद बार के भीतर के दृश्य
स्विट्ज़रलैंड में इटली के राजदूत जियान लोरेन्ज़ो कॉर्नादो ने कहा कि मृतकों की पहचान में कई हफ़्ते लग सकते हैं.
स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलैं ने संवाददाताओं से कहा कि यह आग "हमारे देश ने अब तक जो सबसे भीषण त्रासदियां झेली हैं, उनमें से एक है.''
गुरुवार शाम मोंटाना स्टेशन चर्च में मृतकों और घायलों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्थानीय लोग एक शोक सभा में जुटे. आग की जगह के पास फूल भी रखे गए.
क्रांस-मोंटाना एक लग्ज़री स्की रिसॉर्ट है, जो 1980 के दशक में वर्ल्ड कप स्कीइंग की मेज़बानी के लिए मशहूर रहा है.
'ले कॉन्स्टेलेशन' बार दशकों से मौजूद है. इसकी ऊपरी मंज़िल पर टीवी स्क्रीन लगी हैं, जहां लोग फुटबॉल मैच देखने जाते हैं, जबकि नीचे की मंज़िल पर ड्रिंक और डांस के लिए बड़ा बार है.
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा कि इस "भयानक त्रासदी" में मारे गए और घायल हुए सभी लोगों के साथ उसकी संवेदनाएं हैं और किसी भी प्रभावित ब्रिटिश नागरिक को मदद देने के लिए कॉन्सुलर स्टाफ तैयार है.
कई देशों ने जताया शोक

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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों ने आग में मारे गए लोगों के परिजनों को सांत्वना दी है
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा कि इस 'भयानक त्रासदी' में मारे गए और घायल हुए सभी लोगों के साथ उसकी संवेदनाएं हैं और किसी भी प्रभावित ब्रिटिश नागरिक को मदद देने के लिए कांसुलर स्टाफ तैयार है.
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने कहा कि वह और उनकी पत्नी क्वीन कैमिला इस आग की ख़बर से 'बेहद दुखी' हैं. उन्होंने कहा कि यह 'पूरी तरह दिल तोड़ देने वाला है कि युवा लोगों और परिवारों के लिए जश्न की एक रात भयावह त्रासदी में बदल गई'.
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस क्रांस-मोंटाना से घायल लोगों को अपने अस्पतालों में इलाज के लिए स्वीकार कर रहा है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फ़ॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ, ईयू के सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज़्म के ज़रिए पीड़ितों तक चिकित्सा मदद पहुंचाने के लिए स्विस अधिकारियों के साथ काम कर रहा है.
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