43 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई 65 अपराधियों के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा
रेंज में साइबर अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अवैध धन अर्जित करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। रेंज में ऐसे अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुल 65 अपराधियों को चिन्हित किया है, जिन्होंने साइबर क्राइम सहित विभिन्न अपराधों से लगभग 43 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामलों में साइबर अपराध की भूमिका सबसे अधिक रही है। रेंज के विभिन्न जिलों में अपराधियों की संपत्तियों की विस्तृत जांच की गई, जिसके बाद उन्हें चिन्हित किया गया। इनमें सबसे अधिक 17 अपराधी धौलपुर जिले से पाए गए हैं। इन अपराधियों के पास अपराध से अर्जित करीब 28.69 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का अनुमान है। पुलिस ने सभी 65 आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा तैयार कर जब्ती की कार्रवाई के लिए संबंधित न्यायालय में इस्तगासे पेश कर दिए हैं। न्यायालय की ओर से अब तक 14 आरोपियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस के माध्यम से आरोपियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी संपत्ति के वैध स्रोत से संबंधित दस्तावेज और जानकारी निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। यदि आरोपी न्यायालय के समक्ष संपत्ति का वैध स्रोत स्पष्ट नहीं कर पाए, तो नियमानुसार उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सवाईमाधोपुर में अपराध से अर्जित किए धन को कोर्ट के आदेश के बाद जब्ती की कार्यवाही की गई है। इस पूरे अभियान की निगरानी भरतपुर रेंज के आईजी कैलाश चंद विश्नोई द्वारा की जा रही है।
रेंज में साइबर अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अवैध धन अर्जित करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। रेंज में ऐसे अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुल 65 अ
.
पुलिस ने सभी 65 आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा तैयार कर जब्ती की कार्रवाई के लिए संबंधित न्यायालय में इस्तगासे पेश कर दिए हैं। न्यायालय की ओर से अब तक 14 आरोपियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस के माध्यम से आरोपियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी संपत्ति के वैध स्रोत से संबंधित दस्तावेज और जानकारी निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। यदि आरोपी न्यायालय के समक्ष संपत्ति का वैध स्रोत स्पष्ट नहीं कर पाए, तो नियमानुसार उनकी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सवाईमाधोपुर में अपराध से अर्जित किए धन को कोर्ट के आदेश के बाद जब्ती की कार्यवाही की गई है। इस पूरे अभियान की निगरानी भरतपुर रेंज के आईजी कैलाश चंद विश्नोई द्वारा की जा रही है।