सलूम्बर में कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ आंदोलन':45 दिन चलेगा अभियान, कल गांधी चौक पर सामूहिक मौन उपवास रखेंगे
सलूम्बर जिला कांग्रेस मुख्यालय पर शनिवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम बदलने और उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ के विरोध में 45 दिवसीय 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजस्थान के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रामविलास राव और जिला कांग्रेस अध्यक्ष परमानंद मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष परमानंद मेहता ने बताया कि इस अभियान के तहत रविवार को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा, गांधी चौक, सलूम्बर के समक्ष जिले के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता सामूहिक मौन उपवास रखेंगे। यह उपवास "मनरेगा बचाओ – काम का अधिकार बचाओ" अभियान का हिस्सा होगा। प्रदेश प्रभारी श्रीरामविलास राव ने जानकारी दी कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर 10 जनवरी से पूरे राजस्थान में 45 दिवसीय "मनरेगा बचाओ आंदोलन" चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र व राज्य सरकार द्वारा मनरेगा के नाम व स्वरूप में किए जा रहे बदलावों का विरोध करना और गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने मनरेगा को कांग्रेस सरकार की एक ऐतिहासिक योजना बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार और सोनिया गांधी के मार्गदर्शन में लागू इस कानून ने देश के करोड़ों ग्रामीण गरीबों को काम का कानूनी अधिकार दिया, जिससे पलायन, शोषण और बेरोजगारी से मुक्ति मिली। वक्ताओं ने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत हर परिवार को पंचायत स्तर पर काम मिला, सीधा पैसा खातों में गया और गांवों में विकास कार्यों को गति मिली। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर मनरेगा को जानबूझकर कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नाम बदलने और इसके मूल ढांचे से छेड़छाड़ कर गरीबों के अधिकारों को छीना जा रहा है।
सलूम्बर जिला कांग्रेस मुख्यालय पर शनिवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम बदलने और उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ के विरोध में 45 दिवसीय 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की