डीग में कांग्रेस का 45 दिन का जनजागरण अभियान शुरू:मनरेगा को लेकर ब्लॉक, मंडल और ग्राम पंचायत स्तर पर चलेगा अभियान
SOURCE:Dainik Bhaskar Tech
डीग में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 45 दिन का जनजागरण अभियान शुरू गया है। इस अभियान में कांग्रेस कई मुद्दों पर लोगों को जागरूक करेगी, जिसमें मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम में बदलाव का विरोध भी किया जाएगा। जिला प्रभारी एवं प्रदेश महासचिव राजेश चौधरी और जिला अध्यक्ष राजीव सिंह ने यह जानकारी दी। जिला प्रभारी चौधरी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेसजन 45 दिनों तक ब्लॉक, मंडल और ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरण अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा यूपीए सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना थी, जिसने ग्रामीण जनता को रोजगार प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की।
जिला अध्यक्ष राजीव सिंह ने मनरेगा को किसानों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि किसान चार महीने खेती के बाद मनरेगा से रोजगार पाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। राजीव सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि कोरोना काल में यह योजना ग्रामीण जनता के लिए मील का पत्थर साबित हुई थी।
पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने आम आदमी को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से मनरेगा की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण लोगों को अपने गांव में ही रोजगार मिला और पलायन रुका। जाहिदा खान ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस योजना को कमजोर करके गरीबों के निवाले पर जेसीबी चलाने का काम कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा में 90 प्रतिशत अनुदान देती थी, जिसे अब घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत भार राज्य सरकारों पर डाला गया है। जाहिदा खान ने कहा कि इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और योजना कमजोर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है और केंद्र सरकार यह तय करेगी कि काम कहां मिलेगा, जिससे रोजगार की गारंटी प्रभावित होगी।
उन्होंने आशंका जताई कि इससे भविष्य में पलायन बढ़ सकता है। कांग्रेसजन जिले से लेकर गांव-गांव तक जनजागरण कर मनरेगा को बचाने का कार्य करेंगे।
डीग में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 45 दिन का जनजागरण अभियान शुरू गया है। इस अभियान में कांग्रेस कई मुद्दों पर लोगों को जागरूक करेगी, जिसमें मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम में बदलाव का विरोध भी किया जाएगा।
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जिला प्रभारी एवं प्रदेश महासचिव राजेश चौधरी और जिला अध्यक्ष राजीव सिंह ने यह जानकारी दी। जिला प्रभारी चौधरी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेसजन 45 दिनों तक ब्लॉक, मंडल और ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरण अभियान चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा यूपीए सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना थी, जिसने ग्रामीण जनता को रोजगार प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की। जिला अध्यक्ष राजीव सिंह ने मनरेगा को किसानों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि किसान चार महीने खेती के बाद मनरेगा से रोजगार पाकर अपनी आजीविका चलाते हैं।
राजीव सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि कोरोना काल में यह योजना ग्रामीण जनता के लिए मील का पत्थर साबित हुई थी। पूर्व मंत्री जाहिदा खान ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने आम आदमी को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से मनरेगा की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण लोगों को अपने गांव में ही रोजगार मिला और पलायन रुका। जाहिदा खान ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस योजना को कमजोर करके गरीबों के निवाले पर जेसीबी चलाने का काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा में 90 प्रतिशत अनुदान देती थी, जिसे अब घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत भार राज्य सरकारों पर डाला गया है।
जाहिदा खान ने कहा कि इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और योजना कमजोर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम बदलकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है और केंद्र सरकार यह तय करेगी कि काम कहां मिलेगा, जिससे रोजगार की गारंटी प्रभावित होगी। उन्होंने आशंका जताई कि इससे भविष्य में पलायन बढ़ सकता है। कांग्रेसजन जिले से लेकर गांव-गांव तक जनजागरण कर मनरेगा को बचाने का कार्य करेंगे।