डूंगरपुर: गौशाला में 5 ट्रैक्टर चारा पहुंचा:'गोग्रास' अभियान से अब तक 10 ट्रैक्टर घास दान, ग्रामीण जुटे
डूंगरपुर के वसी गांव से शुरू हुए 'गोग्रास' अभियान के तहत रविवार को भंडारिया गोशाला में 5 ट्रैक्टर चारा पहुंचाया गया। चारा से भरे ट्रैक्टरों को देखते ही गायें दौड़कर उनके पास आ गईं। इस दौरान मौजूद लोगों ने 'गौ माता की जय' के नारे लगाए। यह अभियान दो साल पहले गायों की पीड़ा देखकर उन्हें बचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस पहल के तहत प्रतिदिन एक रुपया दान एकत्र किया जाता है। इस अभियान के माध्यम से अब तक कुल 10 ट्रैक्टर चारा गौशालाओं तक पहुंचाया जा चुका है। 'गोग्रास' अभियान के प्रमुख केशव हेमराज पंड्या वसी ने बताया कि गायों के संरक्षण के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता चारे की थी। इसलिए 'गोग्रास के लिए रोज एक रुपया दान' अभियान चलाया गया। इसमें सबसे पहले वसी गांव के युवाओं, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को जोड़ा गया, जिन्होंने खुलकर दान किया। धीरे-धीरे यह अभियान डूंगरपुर जिले के कई गांवों के साथ-साथ दूसरे जिलों में भी फैल गया। लोग प्रतिदिन 1 रुपए के हिसाब से 365 रुपए या उससे अधिक का दान कर रहे हैं। इस दान राशि से चारा खरीदा जाता है और फिर उसे गौशालाओं तक पहुंचाया जाता है। आज रविवार को वसी से 5 ट्रैक्टर चारा भंडारिया गोशाला पहुंचाते समय धनेश्वर पंड्या, मुरलीशंकर गामोठ, राजेंद्र गामोठ, दुर्गाशंकर गामोठ, मांगीलाल प्रजापत, राजकुमारी प्रजापत, मधुरेश त्रिवेदी, संजय शास्त्री पंड्या सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इस अवसर पर गौ संरक्षण से संबंधित एक पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इस दौरान मनोहर सिंह राव, सुभाष रोत, कृष्णलाल जोशी, महेश गामोठ, लालशंकर गौर, चिराग गोर, मुरलीधर पंड्या, प्रवीण श्रीमाल, विनय श्रीमाल, मनीष श्रीमाल, हरिहर पंड्या, मोहनलाल पंड्या, लालशंकर त्रिवेदी और महेंद्र पंड्या सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
डूंगरपुर के वसी गांव से शुरू हुए 'गोग्रास' अभियान के तहत रविवार को भंडारिया गोशाला में 5 ट्रैक्टर चारा पहुंचाया गया। चारा से भरे ट्रैक्टरों को देखते ही गायें दौड़कर उनके पास आ गईं। इस दौरान मौजूद लोगों ने 'गौ माता की जय' के नारे लगाए।
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यह अभियान दो साल पहले गायों की पीड़ा देखकर उन्हें बचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस पहल के तहत प्रतिदिन एक रुपया दान एकत्र किया जाता है। इस अभियान के माध्यम से अब तक कुल 10 ट्रैक्टर चारा गौशालाओं तक पहुंचाया जा चुका है।
'गोग्रास' अभियान के प्रमुख केशव हेमराज पंड्या वसी ने बताया कि गायों के संरक्षण के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता चारे की थी। इसलिए 'गोग्रास के लिए रोज एक रुपया दान' अभियान चलाया गया। इसमें सबसे पहले वसी गांव के युवाओं, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को जोड़ा गया, जिन्होंने खुलकर दान किया।