धीरेंद्र शात्री की कथा में 5 लाख लोग शामिल होंगे:100 बीघा में बनेगा पांडाल, मंत्री दिलावर बोले- गोवंश बचाने पर आचार्य ने कहा- क्या कर सकता हूं
कोटा में बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री 23 से 25 जनवरी तक 'श्रीराम कथा करेंगे। रामगंजमंडी के रीको औद्योगिक क्षेत्र फतेहपुर में कथा के लिए 500 बीघा जमीन को समतल किया जा रहा है। यहां 100 बीघा में पांडाल बनाया जाएगा। कथा में करीब 5 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा- गोवंश को बचाने के लिए मैंने धीरेंद्र शास्त्री से चर्चा की। उनसे कहा मैं इस कारण बहुत परेशान हूं। इस पर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- मैं क्या कर सकता हूं? मैंने उनसे कहा कि आप प्रवचनों में गोवंश के बारे में कहेंगे तो लोगों को इसका लाभ होगा। उन्होंने कहा- कहां से शुरू करें? मैंने कहा- रामगंजमंडी से शुरू कर दीजिए। इस कारण ये कार्यक्रम मिल गया। गोमाता को खुले में छोड़ रहे, बूचड़खाने में काटा जा रहा शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा- रामकथा की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि हमारे यहां गोमाता को खुला छोड़ दिया जाता है। कई बार तस्कर निगाह बचाकर ट्रकों में भरकर उन्हें बूचड़खाने ले जाते हैं। काट देते हैं, खा जाते हैं। वहीं हम पॉलिथीन का बेतहाशा उपयोग कर रहे हैं। पॉलिथीन को इधर-उधर फेंक देते हैं। गोमाता घूमती-घूमती कभी-कभी पॉलिथीन खा जाती है, जो उनके पेट में जमा हो जाती है। आखिर में गोमाता मर जाती है। गोवंश से एक्सीडेंट के कारण हर साल 5000 लोग मारे जाते हैं। एक दिन पहले निकलेगी कलशयात्रा कथा के पहले दिन 22 जनवरी को रामगंज मंडी में कलश यात्रा निकलेगी। इसमें 21 हजार से ज्यादा कलशधारी महिलाएं शामिल होंगी। शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कथा में 5 से 6 लाख लोग एकत्र हो सकते हैं। कुल 500 बीघा जमीन है। इसमें 100 बीघा पर पांडाल बना रहे है। यहां भोजनालय भी होगा, पार्किंग भी होगी, अन्य व्यवस्थाएं भी होंगी। पहले गायों को चराते थे, अब पॉलिथीन खा रही शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा- देश में 30-40 साल पहले गोवंश को चराने की परंपरा थी। गांव के लोग मिलकर एक ग्वाला नियुक्त करते थे। वो सभी गोवंश को चराने जाता था। शाम को सारी गायें घर आ जाती थी। गोबर व गोमूत्र घर में गिरता था तो पवित्र रहता था। उस कारण गोवंश बूचड़खाने नहीं जा पाती थी, पॉलिथीन भी नहीं खा पाती थी। अब ऐसा नहीं होने से बहुत सारे नुकसान हो रहे हैं। शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा- हम कोशिश करेंगे कि आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के प्रवचनों के बाद हर गांव में जागरण हो। सभी गांव के लोग अपनी गायों के लिए ग्वाला नियुक्त करके चराने के लिए भेजें। अब कोई भी व्यक्ति यह प्रश्न खड़ा कर देता है, चारागाह पर तो कब्जा हो गया। कब्जा इसलिए हुआ कि लोग गाय चराने गए ही नहीं, जमीन खाली दिखाई दी तो लोगों ने कब्जा कर लिया। अब गाय चरने जाएगी तो चारागाह से कब्जा भी हटेगा। चारागाह से कब्जा हटाने के लिए भी नियम व कानून बने हैं। उन सब की पालना करके चारागाह जमीन से कब्ज हटाएंगे। विलायती बबूल से जमीन हुई जहरीली शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर ने कहा- चारागाह का सबसे बड़ा दुश्मन विलायती बबूल है। विलायती बबूल से नीचे की सारी जमीन जहरीली हो जाती है। कोई वनस्पति नहीं पनपती है। राजस्थान में 500 वनस्पतियां विलायती बबूल के कारण विलुप्त हुई हैं। यह पेड़ 30 लीटर पानी रोज सोखता है। इसकी फलियां, पत्तियां खाने से जानवर बीमार हो जाते हैं। इसे जितना काटो, उतना ही तेजी से फैलता है। विलायती बबूल को भी जड़मूल से नष्ट करने का हमारा प्रयास है। ये खबर भी पढ़ें- दिलावर बोले- रामगंजमंडी वालों की 25 को निकलेगी पर्ची:बागेश्वर धाम के आचार्य पं.धीरेंद्र शास्त्री जनवरी में कोटा आएंगे, 'गोमाता महोत्सव' में कथा करेंगे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों से कहा कि पंडित आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की कथा के लिए बड़े-बड़े लोग तरसते हैं। लंबे इंतजार के बाद भी आचार्य की कथा का अवसर नहीं मिल पाता है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने रामगंज मंडी आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। खबर पढ़ें