मंत्री बेढ़म ने सीकरी को 50 लाख की पौधशाला दी:स्व. ओमप्रकाश भगत की पुण्यतिथि पर बोले, वादे पूरे किए
डीग के निहाम (सीकरी) में रविवार को गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने 50 लाख रुपए की लागत से बनी आधुनिक पौधशाला का लोकार्पण किया। उन्होंने समाजसेवी स्व. ओमप्रकाश भगत की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित राम नाम जप कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभा में भी शिरकत की। इस अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री बेढ़म ने कहा कि जन-प्रतिनिधित्व का मूल ध्येय जन-आकांक्षाओं को पूरा करना और सेवा-भाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। उन्होंने स्व. ओमप्रकाश भगत को नमन करते हुए उनके सादा जीवन और उच्च विचारों की सराहना की। मंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण देते हुए अपने पुराने दौरे की रात्रि चौपाल को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय बिजली और पानी की जो समस्याएं सामने आई थीं, उनके समाधान की दिशा में कार्य किया गया है। बिजली के डिमांड नोटिस जारी हो चुके हैं और जल्द ही बोरिंग के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री की इस वचनबद्धता का मौजूद लोगों ने ताली बजाकर स्वागत किया। पर्यावरण संवर्धन: 'हरित सीकरी' की ओर कदम क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंत्री महोदय ने 50 लाख रुपए की लागत से तैयार नवीन पौधशाला का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह पौधशाला आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध पर्यावरण देने में 'मील का पत्थर' साबित होगी। इस दौरान उन्होंने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विकास कार्यों की 'सतत निगरानी निहाम के कार्यक्रम के पश्चात मंत्री बेढ़म ने सीकरी में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बिजली, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। तपोभूमि को नमन मंत्री ने अपने उद्बोधन में क्षेत्र के प्रसिद्ध सेवल मंदिर और वनबिहारी जी महाराज की तपोभूमि को नमन किया। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद और आध्यात्मिक वातावरण से ही जन-कल्याण के कार्यों को नई दिशा मिलती है। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे जिन्होंने मंत्री महोदय का भव्य स्वागत किया।


