चूरू में खेतों में जमीं बर्फ, सर्दी के तीखे तेवर:घना कोहरा छाया, 50 मीटर से भी कम रही विजिबिलिटी, 2 डिग्री पहुंचा तापमान
चूरू में रविवार को कड़ाके की ठंड पड़ी। सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छुट्टी का दिन होने के कारण लोग घरों में दुबके रहे। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में फसलों की पत्तियों पर ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जम गईं। चूरू में पिछले एक सप्ताह से लगातार तेज सर्दी पड़ रही है, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। आठवीं कक्षा तक के स्कूली बच्चों की छुट्टियां शनिवार को समाप्त हो गई थीं, लेकिन रविवार को तापमान में गिरावट के कारण सर्दी फिर बढ़ गई। यदि तापमान में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो जिला प्रशासन को स्कूली बच्चों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ सकती हैं। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण गांव घांघू में खेतों में फसलों की पत्तियों पर पानी की बूंदें जम गईं। रात के समय पानी से भरी बाल्टी में रखी लकड़ी के डंडे पर भी बर्फ जम गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
चूरू में रविवार को कड़ाके की ठंड पड़ी। सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छुट्टी का दिन होने के कारण लोग घरों में दुबके रहे।
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ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में फसलों की पत्तियों पर ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जम गईं। चूरू में पिछले एक सप्ताह से लगातार तेज सर्दी पड़ रही है, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
आठवीं कक्षा तक के स्कूली बच्चों की छुट्टियां शनिवार को समाप्त हो गई थीं, लेकिन रविवार को तापमान में गिरावट के कारण सर्दी फिर बढ़ गई। यदि तापमान में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो जिला प्रशासन को स्कूली बच्चों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ सकती हैं।
न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण गांव घांघू में खेतों में फसलों की पत्तियों पर पानी की बूंदें जम गईं। रात के समय पानी से भरी बाल्टी में रखी लकड़ी के डंडे पर भी बर्फ जम गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।