माहेश्वरी महाकुंभ में 500 करोड़ के स्टार्टअप-इकोसिस्टम की राह प्रशस्त:राज्यपाल बागड़े बोले- माहेश्वरी समाज नहीं, जीवंत संस्कृति है ;परंपरा सहेजें, तीन दिवसीय महाकुंभ संपन्न
जोधपुर के पोलिटेक्निक कॉलेज परिसर में मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर के पास चल रहे 'माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन' (MGC2026) का आज समापन होगा। यह कार्यक्रम शुक्रवार से चल रहा है। आज इसमें शामिल होने के लिए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े जोधपुर पहुंचे। राज्यपाल बागड़े ने माहेश्वरी महाकुंभ में सहभागिता करते हुए कहा कि माहेश्वरी समाज केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना का सशक्त स्वरूप है। राज्यपाल ने समाज की प्रतिभाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि वही समाज प्रगति करता है, जो अपनी प्रतिभाओं को सम्मान और अवसर प्रदान करता है। उन्होंने समाज की एकता, समान संस्कृति, मूल्य और परंपराओं को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। जहां बैलगाड़ी नहीं पहुंचती, वहां मारवाड़ी पहुंचते हैं उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल भू-भाग नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है, जो विभिन्न समाजों के सामूहिक योगदान से सशक्त होता है। इस दृष्टि से माहेश्वरी समाज भारतीय संस्कृति की निरंतर प्रवाहमान धारा है। राज्यपाल ने माहेश्वरी समाज की ऐतिहासिक उत्पत्ति, उद्यमिता परंपरा और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि “जहाँ बैलगाड़ी नहीं पहुँचती, वहाँ मारवाड़ी पहुँचते हैं” और इस परंपरा में माहेश्वरी समाज की भूमिका अग्रणी रही है। उन्होंने उद्योग, व्यापार, स्टार्ट-अप, महिला सशक्तिकरण, सेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि वही समाज आगे बढ़ता है, जो परंपरा को स्मरण रखते हुए भविष्य के प्रति सजग रहता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, कौशल विकास और मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्र सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि शनिवार को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गृहमंत्री अमित शाह,लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए और माहेश्वरी सभा के 117 साल पूरे होने पर डाक टिकिट जारी किया। त्रिसर्ग स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव में 500 करोड़ के इकोसिस्टम की राह प्रशस्त माहेश्वरी ग्लोबल एक्सपो-2026 के अंतर्गत आयोजित त्रिसर्ग स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव - फ्रॉम आइडिया टू इम्पैक्ट का आयोजन सफल एवं प्रभावशाली रहा। यह एमजीसी 26 का एक प्रमुख फ्लैगशिप स्टार्ट-अप कार्यक्रम है, जिसमें देशभर से 200 से अधिक स्टार्ट-अप आइडियाज ने भाग लिया। सघन और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के पश्चात शीर्ष 30 स्टार्ट-अप आइडियाज का चयन किया गया। चयन के बाद इन स्टार्ट-अप्स और निवेशकों के बीच निरंतर बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान अनेक निवेशकों ने सभी 30 चयनित आइडियाज में रुचि दिखाई। सीए कल्पेश राठी ने बताया कि इन 30 स्टार्ट-अप्स की प्रदर्शनी 9 जनवरी को त्रिसर्ग डोम में आयोजित की गई। इन 30 में से चयनित शीर्ष 10 स्टार्ट-अप आइडियाज ने 10 जनवरी को माला इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ग्रैंड फिनाले में एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा की। 10 करोड़ से अधिक की फंडिंग राठी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान निवेशकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। मंच से ही यह घोषणा की गई कि शीर्ष 10 स्टार्ट-अप्स सहित लगभग सभी प्रतिभागी आइडियाज को मिलाकर कुल 10 करोड़ से अधिक की फंडिंग प्राप्त हुई है, जिससे लगभग 500 करोड़ से अधिक के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस दौरान नियो मोशन को प्रथम, मैजेंटा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को द्वितीय व ट्यूटोरोलॉजी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया जिसमें प्रथम व द्वितीय को क्रमश: 7.5 लाख, 5 लाख रूपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। बड़े निवेशकों ने आइडियाज में दिखाई रुचि सीए कल्पेश राठी ने बताया कि वी- स्योर इन्वेस्मेंट्स से जुड़े अनीश माहेश्वरी, कायरो कैपिटल से अमन माहेश्वरी तथा सुशील माहेश्वरी ने विभिन्न स्टार्ट-अप आइडियाज में निवेश की घोषणा की। इसके अतिरिक्त कई अन्य निवेशकों ने भी विभिन्न आइडियाज में निवेश की घोषणा की है, जिनका औपचारिक ऐलान शीघ्र ही किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केवल शीर्ष 10 स्टार्ट-अप्स ही नहीं, बल्कि शेष सभी चयनित आइडियाज में भी निवेश प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अलावा अनिरूद्ध दामानी ने तीन अलग-अलग स्टार्ट-अप आइडियाज में रूचि व्यक्त की थी, जबकि प्रख्यात निवेशक मधुसूदन केला एवं आनंद राठी ने इस कार्यक्रम के शीर्ष दो फाइनलिस्ट्स में निवेश की इच्छा जताई। दिगंबर जी-वन ने भी 4 आइडियाज में निवेश की रूचि व्यक्त की हे । ग्रैंड फिनाले कार्यक्रम का मंच संचालन सोनाली जोहरी ने किया। यह भी पढ़ें.. माहेश्वरी महाकुंभ में गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया:बोले- जहां न पहुंचे रेलगाड़ी, वहां पहुंचे मारवाड़ी, पीएम मोदी के लेटर को शेखावत ने पढ़कर सुनाया