मंत्रिमंडल में दिख सकते हैं 6 नए चेहरे:रिफाइनरी से बरसेगा पैसा-नौकरियां, चुनाव फिर लेंगे सरकार की परीक्षा, जानिए 2026 में 7 बड़े बदलाव
साल 2026 राजस्थान की तकदीर और तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। लंबे इंतजार के बाद बाड़मेर के पचपदरा में ऑयल रिफाइनरी विधिवत चालू हो जाएगी। इससे सरकार को कमाई होगी और रोजगार पैदा होंगे। प्रदेश के 3.25 करोड़ लोगों की प्यास बुझाने वाले प्रोजेक्ट का 60 फीसदी काम पूरे होने के आसार हैं। भजनलाल सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की पूरी संभावना है। वहीं, ये साल सत्ता और संगठन की एक बड़ी परीक्षा भी लेने वाला है। निकाय और पंचायती राज चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की परफॉर्मेंस से दोनों की जमीन लोकप्रियता का अंदाजा हो जाएगा। एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव होने वाला है। इस साल से 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा दो बार होगी। पढ़िए- 2026 में होने वाले 7 बड़े बदलाव... 1. ऑयल रिफाइनरी : कच्चे तेल से बनेंगे पेट्रोल-डीजल, हजारों को मिलेगा रोजगार बाड़मेर के पचपदरा में स्थापित ऑयल रिफाइनरी में कच्चे तेल को रिफाइंड कर डीजल और पेट्रोल में बदलने का ट्रायल शुरू हो चुका है। देश की पहली इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की विधिवत शुरुआत के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टाइम मांगा जा रहा है। जानकारी के अनुसार मार्च, 2026 में ये प्रोजेक्ट अपनी करीब-करीब पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। इससे रिफाइनरी से करीब 490 करोड़ लीटर डीजल का सालाना उत्पादन हो सकेगा। रिफाइनरी से अब तक करीब 35 हजार लोगों को रोजगार मिला है। माना जा रहा है कि 2026 और उसके बाद रोजगार देने की क्षमता इससे चौगुनी तक हो सकती है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने हाल ही बताया था कि रिफाइनरी में 52,877 करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है। कई अहम यूनिट्स लगाने का काम करीब-करीब पूरा हो चुका है। जनवरी 2026 से सभी नौ यूनिटों की कमीशनिंग प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में मार्च 2026 तक रिफाइनरी के पूर्ण क्षमता से संचालन में आने की उम्मीद है। रिफाइनरी के लिए बिछेगी नई रेल लाइन रिफाइनरी के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने बालोतरा से पचपदरा के बीच करीब 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। सहमति मिलते ही लाइन के लिए सर्वे शुरू हो जाएगा। पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद गुड्स ट्रेन के जरिए देशभर के बड़े शहरों और बंदरगाहों तक पहुंच सकेंगे। रेलवे भी बड़े पैमाने पर हजारों को रोजगार दे सकेगा। 2. राजस्थान के 3.25 करोड़ की प्यास बुझेगी राजस्थान सरकार ईआरसीपी प्रोजेक्ट को एक मिशन के जैसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। साल 2026 में ईआरसीपी प्रोजेक्ट यानी राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट के अधिकतर काम जमीन पर दिखने लगेंगे, इससे 17 जिलों की तकदीर भी बदलती हुई नजर आएगी। इस प्रोजेक्ट से 3.25 करोड़ आबादी की प्यास बुझेगी और करीब 25 लाख से अधिक किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा। मतलब, मिट्टी और सोना उगलेगी। हाल ही इस प्रोजेक्ट के लिए 26,000 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए गए हैं। 17 जिलों में 175 किलोमीटर लंबी नहर बनाने के लिए ड्रोन सर्वे पूरा हो गया है। जल्द भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिसंबर 2024 को जयपुर के नजदीक हुए समारोह में पार्वती काली सिंध चंबल लिंक परियोजना का लोकार्पण किया था। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की मानें तो 2026 के अंत तक इस प्रोजेक्ट का अधिकतम काम पूरा होने का अनुमान है। इससे 17 जिले - प्रतापगढ़, कोटा, बारां, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, अजमेर, ब्यावर तक पानी पहुंचेगा। 3. मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल, 6 नए चेहरों की हो सकती है एंट्री साल 2025 मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं में बीत गया। लेकिन 2026 में सीएम भजनलाल शर्मा की टीम में बदलाव देखने को मिल सकता है। देश में कोई बड़ा घटनाक्रम नहीं हुआ, तो अप्रैल के बाद कभी भी मंत्रीमंडल फेरबदल किया जा सकता है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ये फेरबदल आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए किए जाएंगे। पार्टी चाहेगी कि राजस्थान में विकास के काम तेजी से करवाने वाली टीम जनता के बीच उतारी जाए, ताकि अगले चुनाव में इसका फायदा मिल सके। मंत्रीमंडल विस्तार में छत्तीसगढ़ फॉर्मूला अपनाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में सीएम विष्णुदेव साय सहित 11 मंत्री थे। मंत्रिमंडल विस्तार में 3 नए मंत्री शामिल करते हुए कोटा पूरा किया गया। किसी भी मौजूदा मंत्री को बाहर नहीं किया गया। यही फॉर्मूला राजस्थान में अप्लाई हुआ तो सीएम भजनलाल शर्मा की टीम में 6 नए मंत्री देखने को मिल सकते हैं। राजस्थान में कुल 200 विधायकों में से 15 प्रतिशत मंत्री बन सकते हैं। मतलब, सीएम सहित 30 विधायक मंत्री बन सकते हैं। फिलहाल सीएम सहित 24 मंत्री हैं और 6 पद खाली चल रहे हैं। 4. निकाय और पंचायत चुनाव : सरकार की अग्नि परीक्षा और रिजल्ट भी इसी साल राजस्थान सरकार को 2026 में एक बड़ी परीक्षा से भी गुजरना होगा। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार राजस्थान में 15 अप्रैल, 2026 तक ही निकाय-पंचायत चुनाव करवाने होंगे। परिसीमन की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है और जयपुर, जोधपुर और कोटा में अब दो के बजाय एक ही निगम रहेगा। पिछली सरकार ने 3 शहरों में 2-2 निगम कर दिए थे। इस चुनाव का रिजल्ट बताएगा कि राजस्थान में सरकार होते हुए बीजेपी कितने निकायों पर राज करती है और कितनी पंचायत समितियों पर। सरकार की लोकप्रियता पर भी ये रिजल्ट अपनी छाप छोड़ेगा। राजस्थान हाईकोर्ट ने गत 14 नवंबर को करीब 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि इससे पहले सरकार 31 दिसंबर तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करें। एक बार परिसीमन का काम पूरा होने के बाद उसके फाइनल नोटिफिकेशन को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। निकाय एवं पंचायत चुनाव के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी दखल देने मना कर दिया है। 5. एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव : दो बार होंगी बोर्ड परीक्षाएं साल 2026 में राजस्थान के स्कूलों में एग्जामिनेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव होगा। राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, अजमेर एकेडमिक सेशन 2026-27 से 10वीं और 12वीं क्लासेज के लिए साल में दो बार बोर्ड एग्जाम्स कराएगा। दोनों अटेंप्ट में से जिसमें भी बेहतर मार्क्स आए हैं, उसी के नंबर फाइनल रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। इससे स्टूडेंट्स के ऊपर बोर्ड एग्जाम का प्रेशर कम होगा,ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स बेहतर स्कोर हासिल कर पाएंगे। नए सिस्टम के अनुसार सभी स्टूडेंट्स के लिए पहला यानी मेन बोर्ड एग्जाम देना जरूरी होगा। यह एग्जाम फरवरी-मार्च के समय पर होगा। इसके बाद मई-जून में बोर्ड एग्जाम्स का दूसरा सेशन होगा, जिसमें स्टूडेंट्स के पास अपने मार्क्स सुधारने का मौका होगा। दोनों ही एग्जाम्स पूरे सिलेबस पर आधारित होंगे। पहला एग्जाम्स देने वाले स्टूडेंट्स दूसरे फेज में अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपने मार्क्स सुधारने के लिए एग्जाम दे सकते हैं। इसके लिए जिन स्टूडेंट्स ने पहला फेज पूरी तरह से मिस कर दिया है, वो दूसरे फेज में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैठ सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक वैलिड मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) का अप्रूवल लेना होगा। इधर, CBSE यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से 10वीं के स्टूडेंट 2026 से साल में 2 बार एग्जाम देंगे। पहली परीक्षा सभी छात्रों के लिए जरूरी होगी और दूसरी ऑप्शनल। ऑप्शनल एग्जाम में छात्रों को साइंस, मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेजेस में से किन्हीं 3 सब्जेक्ट में अपनी परफॉर्मेंस सुधारने की इजाजत दी जाएगी। पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी मई में होगी। नतीजे अप्रैल और जून में जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही सप्लीमेंट्री एग्जाम खत्म कर दिए गए हैं। CBSE 12वीं बोर्ड पर अभी यह फैसला लागू नहीं होगा। 6. जनगणना : बनेगी मकानों की सूची, पहला चरण हो जाएगा शुरू राजस्थान सहित देश भर में डिजिटल जनगणना होगी। इस बार लोग खुद भी जनगणना कर सकेंगे। इसके लिए सेल्फ सेंसस वेब पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक जनगणना का प्रोसेस चलेगा। इस बार जातिगत जनगणना भी होने जा रही है। दो फेज में जनगणना होगी। पहले फेज में अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक मकानों की लिस्टिंग गणना का काम होगा। 9 से 20 फरवरी 2027 में लोगों की गिनती होगी। 28 फरवरी 2027 को बेघरों की गिनती होगी। दोनों फेज में लोगों से पूछे जाने वाले सवालों में भी इस बार बदलाव होंगे। कई नए सवाल जुड़ेंगे और कुछ सवाल हटेंगे। जनगणना के काम में करीब 2 लाख कर्मचारी और अफसर लगेंगे। जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों के 1 जनवरी 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक तबादले नहीं होंगे। 7. फरवरी में पूरी हो जाएगी SIR राजस्थान में 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन के साथ ही SIR का काम पूरा हो जाएगा। 15 जनवरी तक एसडीएम के पास आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और 15 जनवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। 16 दिसंबर से नोटिस जारी कर सुनवाई और वेरिफिकेशन कर दावों और आपत्तियों का फैसला किया जाएगा। ड्राफ्ट लिस्ट में 41 लाख वोटर्स के नाम काटे जा चुके हैं। ये परमानेन्ट शिफ्ट या डेड थे। ड्राफ्ट जारी होने के बाद जिन 11 लाख से ज्यादा वोटर्स को दस्तावेज देने होंगे, उन्हें नोटिस मिल गए हैं। ड्राफ्ट पब्लिकेशन में जिनके नाम नहीं हैं, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जा रहा है। वे अपना पक्ष रख रहे हैं। पिछली एसआईआर में नाम नहीं है तो ऐसे लोग माता-पिता का पिछली एसआईआर में नाम का प्रमाण और खुद का एक आईडेंटिटी प्रूफ देकर जवाब दे सकेंगे। SIR के अनुसार ड्राफ्ट लिस्ट से कोई भी नाम हटाने से पहले संबंधित ERO/AERO को सुनवाई का मौका देकर लिखित आदेश जारी करने होंगे, जिनके ऊपर कलेक्टर और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के यहां भी अपील कर सकेंगे। युवा वोटर जो 1 अप्रैल 2026, 1 जुलाई 2026 और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल के होंगे, वे भी एडवांस फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। .... राजस्थान में रिफाइनरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... पीएम मोदी जनवरी में करेंगे रिफाइनरी का उद्घाटन:राजस्थान में 15 साल से पुराने वाहन स्क्रैप किए जाएंगे; SOG-ATS के पुलिसकर्मियों को 25% अधिक सैलरी भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार शाम को हुई। बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति का अनुमोदन किया गया। बजट में सरकार ने इसकी घोषणा की थी। पूरी खबर पढ़िए...








