अजमेर का सुभाषनगर रेल फाटक 6 माह के लिए बंद:आरओबी का काम शुरू, जानिए वाहनों को कहां से होकर जाना पड़ेगा
अजमेर के सुभाषनगर रेल फाटक (एलसी-1) पर अंडरपास का काम पूरा होने के बाद अब आरओबी का अधूरा पड़ा काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए रेल फाटक के पास पिलर खड़ा करने के लिए खुदाई का काम शुरू हो गया है। इसके चलते रेल फाटक को बंद कर दिया गया। अब स्थानीय क्षेत्रवासी आवाजाही के लिए केवल अंडरपास का उपयोग कर सकेंगे। जबकि बड़े वाहन शहर की तरफ आने के लिए आदर्शनगर या जौंसगंज मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। फाटक बंद होने के कारण क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने राहत देने की मांग की है। करीब 6-7 माह का समय लगेगा सुभाषनगर रेल फाटक पर आरओबी तैयार होने में करीब 6 से 7 माह का समय लगेगा। फिलहाल फाटक के पास आरओबी के लिए पिलर खड़े करने के लिए खुदाई का काम शुरू किया गया है। आरओबी के लिए रेल लाइन की दोनों तरफ एक-एक पिलर खड़ा होना है। इसके लिए करीब 12-12 पाइल तैयार की जाएंगी। पिलर तैयार होने के बाद आरओबी की दोनों तरफ की तैयार भुजाओं को जोड़ने का काम रेलवे के सुपरविजन में किया जाएगा। यह काम होने तक रेल फाटक से भारी वाहनों की आवाजाही संभव नहीं है। अंडरपास से दुपहिया व हल्के चार पहिया वाहन निकल सकेंगे जबकि अंडरपास से दुपहिया सहित चार पहिया वाहनों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी, लेकिन बड़े वाहनों (ट्रक, ट्रोला, बस, 407) आदि को ब्यावर रोड पर आने के लिए आदर्शनगर या जौंसगंज मार्ग का उपयोग करना होगा।
अजमेर के सुभाषनगर रेल फाटक (एलसी-1) पर अंडरपास का काम पूरा होने के बाद अब आरओबी का अधूरा पड़ा काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए रेल फाटक के पास पिलर खड़ा करने के लिए खुदाई का काम प्रारंभ हो गया। जिसके चलते रेल फाटक को बंद कर दिया गया। अब स्थानीय क्षेत्रवासी आवाजाही के लिए केवल अंडरपास का उपयोग कर सकेंगे। जबकि बड़े वाहन शहर की तरफ आने के लिए आदर्शनगर या जौंसगंज मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। करीब 6-7 माह का समय लगेगा सुभाषनगर रेल फाटक पर आरओबी तैयार होने में करीब 6 से 7 माह का समय लगेगा। फिलहाल फाटक के पास आरओबी के लिए पिलर खड़े करने के लिए खुदाई का काम शुरू किया गया है। आरओबी के लिए रेल लाइन की दोनों तरफ एक-एक पिलर खड़ा होना है। जिसके लिए करीब 12-12 पाइल तैयार की जाएंगी। पिलर तैयार होने के बाद आरओबी की दोनों तरफ की तैयार भुजाओं को जोड़ने का काम रेलवे के सुपरविजन में किया जाएगा। यह काम होने तक रेल फाटक से भारी वाहनों की आवाजाही संभव नहीं है। अंडरपास से दुपहिया व हल्के चार पहिया वाहन निकल सकेंगे जबकि अंडरपास से दुपहिया सहित चार पहिया वाहनों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी, लेकिन बड़े वाहनों (ट्रक, ट्रोला, बस, 407) आदि को ब्यावर रोड पर आने के लिए आदर्शनगर या जौंसगंज मार्ग का उपयोग करना होगा।