भरतपुर में 6 वार्ड खेड़ाठाकुर पंचायत में जोड़ने का विरोध:बोले- स्कूल, श्मशान सहित सुविधाएं रुदावल ग्राम पंचायत में चली गई
भरतपुर जिले की रुदावल ग्राम पंचायत के 6 वार्डों को खेड़ा ठाकुर ग्राम पंचायत में जोड़ने के बाद लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से गठित टीम इन 6 वार्डों की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी वहां पहुंचे और कमेटी के सदस्यों से अपनी समस्याएं साझा कीं। ग्रामीणों ने टीम को बताया कि इन वार्डों को दूसरी ग्राम पंचायत में जोड़ने से रुदावल ग्राम पंचायत से मिलने वाली कई जरूरी सुविधाएं भी खेड़ा ठाकुर पंचायत में चली जाएंगी, जिससे आमजन को परेशानी होगी। कलेक्टर के निर्देश पर गठित की गई जांच टीम एसडीएम विष्णु मित्तल ने बताया कि रुदावल ग्राम पंचायत के 6 वार्ड राजस्व सीमा के अनुसार खेड़ा ठाकुर क्षेत्र में बसे हुए हैं। नए परिसीमन में इन्हें खेड़ा ठाकुर की राजस्व भूमि में स्थित मानते हुए खेड़ा ठाकुर ग्राम पंचायत में जोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस निर्णय के बाद वार्डों के लोग लगातार विरोध जता रहे थे। इसी को देखते हुए जिला कलेक्टर कमर चौधरी के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया है, जो मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की जांच कर रही है। ग्रामीण बोले- वर्षों से रुदावल पंचायत से ले रहे हैं सुविधाएं टीम ने मौके पर पहुंचकर वार्डों की भौगोलिक स्थिति देखी और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग कमेटी के सामने उपस्थित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई वर्षों से रुदावल कस्बे में निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब तक रुदावल ग्राम पंचायत से ही सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेते आए हैं। मतदान भी रुदावल पंचायत क्षेत्र में ही करते रहे हैं। ऐसे में 6 वार्डों को रुदावल ग्राम पंचायत में ही रखा जाना चाहिए। परिसीमन से स्कूल, श्मशान और जलदाय परियोजना भी हुई प्रभावित स्थानीय लोगों ने कमेटी के सामने आपत्ति जताते हुए कहा कि वार्ड संख्या 1 से 5 और वार्ड संख्या 13 को खेड़ा ठाकुर ग्राम पंचायत में जोड़ना अन्यायपूर्ण है। इस परिसीमन के कारण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शमशान, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल और जलदाय विभाग की परियोजना भी खेड़ा ठाकुर ग्राम पंचायत में चली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों और रोजमर्रा की सुविधाओं में दिक्कतें बढ़ेंगी। उन्होंने मांग की कि परिसीमन पर पुनर्विचार कर इन वार्डों को रुदावल ग्राम पंचायत में ही शामिल रखा जाए। इनपुट : विशेष गर्ग, रुदावल, भरतपुर
