राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड:सीईटी भी दो चरणों में, प्री व मेन एग्जाम संभव, न्यूनतम उत्तीर्णांक 60 प्रतिशत हो सकते हैं
अब सीईटी (समान पात्रता परीक्षा) एग्जाम भी दो चरणों में करवाया जा सकता है। इसमें सीईटी प्री व सीईटी मेन के बाद पात्र माना जाएगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 60 प्रतिशत रख सकते हैं। इस संबंध में चयन बोर्ड जल्द ही अंतिम निर्णय लेकर सीईटी की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्रिया से पहले स्क्रीनिंग के लिए आयोजित सीईटी-2024 की पात्रता फरवरी-2026 में समाप्त होगी। इसके साथ 17.95 लाख अभ्यर्थी आगामी भर्ती परीक्षाओं के लिए अपात्र हो जाएंगे। सीईटी में नए मापदंड अपनाए जा सकते हैं। न्यूनतम उत्तीर्णांक 60 प्रतिशत करने के साथ ही सर्टिफिकेट की पात्रता 3 साल की जा सकती है। सीईटी में भी अब प्री व मेन परीक्षाओं के दो चरण करवाए जाने पर मंथन हो रहा है। ज्यादा स्क्रीनिंग होने से भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की संख्या सीमित हो पाएगी। भर्ती परीक्षाओं में बढ़ते अभ्यर्थियों के कारण स्क्रीनिंग के लिए सीईटी-2024 में सीनियर सैकंडरी व स्नातक स्तर की परीक्षाओं का सितंबर-2024 में आयोजन हुआ था। रिजल्ट फरवरी में आया। सीईटी में 40 प्रतिशत उत्तीर्णांक रखने से सीनियर सैकंडरी स्तर व स्नातक स्तर पर 11.64 लाख अभ्यर्थियों में से रिकॉर्ड 8.78 लाख अभ्यर्थियों ने पात्रता हासिल की थी। यानि करीब 75 % पात्र हुए। सीनियर सैकंडरी स्तर पर 15 लाख 41 हजार 601 अभ्यर्थियों में से 9 लाख 17 हजार 681 अभ्यर्थी पात्र हुए।
अब सीईटी (समान पात्रता परीक्षा) एग्जाम भी दो चरणों में करवाया जा सकता है। इसमें सीईटी प्री व सीईटी मेन के बाद पात्र माना जाएगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 60 प्रतिशत रख सकते हैं। इस संबंध में चयन बोर्ड जल्द ही अंतिम निर्णय लेकर सीईटी की प्रक्रिया शुरू कर सक
.
वहीं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्रिया से पहले स्क्रीनिंग के लिए आयोजित सीईटी-2024 की पात्रता फरवरी-2026 में समाप्त होगी। इसके साथ 17.95 लाख अभ्यर्थी आगामी भर्ती परीक्षाओं के लिए अपात्र हो जाएंगे।
सीईटी में नए मापदंड अपनाए जा सकते हैं। न्यूनतम उत्तीर्णांक 60 प्रतिशत करने के साथ ही सर्टिफिकेट की पात्रता 3 साल की जा सकती है। सीईटी में भी अब प्री व मेन परीक्षाओं के दो चरण करवाए जाने पर मंथन हो रहा है। ज्यादा स्क्रीनिंग होने से भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की संख्या सीमित हो पाएगी। भर्ती परीक्षाओं में बढ़ते अभ्यर्थियों के कारण स्क्रीनिंग के लिए सीईटी-2024 में सीनियर सैकंडरी व स्नातक स्तर की परीक्षाओं का सितंबर-2024 में आयोजन हुआ था। रिजल्ट फरवरी में आया।