बीच सत्र प्राध्यापकों के तबादले, एक दिन में 6521 की सूची जारी, शिक्षक संघ नाराज
शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में प्राध्यापकों की तबादला सूची जारी कर दी है। शिक्षा सत्र के बीच में एक ही दिन में 6521 प्राध्यापकों की सूची जारी होने के बाद शिक्षक संघ शेखावत ने इसका विरोध जताया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ने शनिवार को विभिन्न विषयों के प्राध्यापकों की स्थानांतरण व पदस्थापन सूची जारी की है। जिनमें हिंदी के 1644, भूगोल, अर्थशास्त्र, उर्दू व शारीरिक शिक्षा के 1010, इतिहास के 973, राजनीति विज्ञान के 909, भौतिक विज्ञान के 416, अंग्रेजी के 355, जीव विज्ञान के 345, रसायन विज्ञान के 332, संस्कृत के 208, गणित के 104, वाणिज्य के 91, कृषि विषय के 74 व गृह विज्ञान के 60 प्राध्यापक शामिल है। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सीताराम जाट ने तबादला सूची के साथ निर्देश जारी किए है। जिसमें लिखा है कि प्राध्यापकों के कार्य ग्रहण व कार्य मुक्त की प्रक्रिया शाला दर्पण के माध्यम से किए जाएंगे। जिन प्राध्यापकों का परिवीक्षाकाल पूर्ण नहीं हुआ है उन्हें कार्यमुक्त नहीं करवाया जाएगा। इसके अलावा संस्था प्रधान को निर्देश दिए है कि यदि पहले से ही कोई उप प्राचार्य पद पर पदोन्नत कार्मिक कार्यरत है तो उप प्राचार्य को अधिशेष कार्मिक के रूप में ऑनलाइन कार्यग्रहण करवाया जाए। शिक्षा सत्र के बीच में 6500 से ज्यादा शिक्षकों की तबादला सूची जारी होने के बाद शिक्षक संघ शेखावत ने विरोध जताया है। जिलाध्यक्ष अशोक कटेवा व मंत्री जगदीश सिंह ढाका ने कहा कि इस सूची से यह तय हो गया कि प्रशासनिक तानाशाही के सामने शिक्षा विभाग असहाय व मजबूर है। इससे पहले भी करीब छह हजार प्रधानाचार्यों के तबादले किए थे, जिन्होंने दो महीने तक कार्यग्रहण नहीं किया। अगले महीने से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही है। इससे पहले विभिन्न विषयों के शिक्षकों के बड़ी संख्या में तबादले होने से स्कूल खाली रहेगी। जिससे विद्यार्थियों को नुकसान होगा। यानी ये तबादले बच्चों के हित में नहीं है। 12 जनवरी को जयपुर में प्रस्तावित महारैली में इसका विरोध किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों के बाद शनिवार को बड़ी संख्या में प्राध्यापकों की तबादला सूची जारी कर दी है। शिक्षा सत्र के बीच में एक ही दिन में 6521 प्राध्यापकों की सूची जारी होने के बाद शिक्षक संघ शेखावत ने इसका विरोध जताया है।