74 नर्सिंग ऑफिसर ने खून से लिखे पोस्टकार्ड:नियमित भर्ती में मेरिट व बोनस अंकों की मांग, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भेजे
चूरू के डीबी अस्पताल में संविदा और निविदा पर कार्यरत 74 नर्सिंग अधिकारियों ने राज्य सरकार से नियमित नर्सिंग भर्ती मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर कराने की मांग की है। नववर्ष पर गुरुवार को इन नर्सिंग अधिकारियों ने अपने खून से पोस्टकार्ड और बैनर लिखकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री को भेजे। राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति के सुनील गढ़वाल, मुकेश कांटीवाल, तेजप्रकाश, विनय और कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के संविदा नर्सेज कर्मचारी आगामी नियमित नर्सिंग भर्ती मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर करने की मांग कर रहे हैं। वे अल्प वेतन में कई वर्षों से अस्पताल में सेवा दे रहे हैं, इस उम्मीद में कि सरकार उनकी मांग सुनेगी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के सात संभागों और 41 जिलों में 50 हजार से अधिक नर्सिंगकर्मियों ने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को भेजे हैं। नर्सिंगकर्मियों की मुख्य मांग है कि चिकित्सा नियम 1965 के तहत मेरिट और 10, 20, 30 बोनस अंकों के आधार पर नई स्थायी भर्ती विज्ञप्ति जारी की जाए। इस आंदोलन को अस्पताल की नर्सिंग अधीक्षक रमेश कुमारी, आरएनएयू के प्रदेश महामंत्री कमलेश गुर्जर, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर मो. राशिद खान और ताराचंद ने समर्थन दिया। खून से पोस्टकार्ड लिखने वालों में उमा भारत सोलंकी, रचना चौधरी, कविता, सुमन, रत्ना, भारती, अमृता पिलानिया, नरेश सैनी, गजराज सिंह, जितेंद्र, संदीप वर्मा, मोनिका, आरिफ, पवन, ललिता सैनी, कांता और सुभिता सहित कई अन्य नर्सिंगकर्मी शामिल थे।
चूरू के डीबी अस्पताल में संविदा और निविदा पर कार्यरत 74 नर्सिंग अधिकारियों ने राज्य सरकार से नियमित नर्सिंग भर्ती परीक्षा मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर कराने की मांग की है। नववर्ष पर गुरुवार को इन नर्सिंग अधिकारियों ने अपने खून से पोस्टकार्ड और बैनर लिखकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री को भेजे। राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति के सुनील गढ़वाल, मुकेश कांटीवाल, तेजप्रकाश, विनय और कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के संविदा नर्सेज कर्मचारी आगामी नियमित नर्सिंग भर्ती मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर करने की मांग कर रहे हैं। वे अल्प वेतन में कई वर्षों से अस्पताल में सेवा दे रहे हैं, इस उम्मीद में कि सरकार उनकी मांग सुनेगी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को प्रदेश के सात संभागों और 41 जिलों में 50 हजार से अधिक नर्सिंगकर्मियों ने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को भेजे हैं। नर्सिंगकर्मियों की मुख्य मांग है कि चिकित्सा नियम 1965 के तहत मेरिट और 10, 20, 30 बोनस अंकों के आधार पर नई स्थायी भर्ती विज्ञप्ति जारी की जाए। इस आंदोलन को अस्पताल की नर्सिंग अधीक्षक रमेश कुमारी, आरएनएयू के प्रदेश महामंत्री कमलेश गुर्जर, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर मो. राशिद खान और ताराचंद ने समर्थन दिया। खून से पोस्टकार्ड लिखने वालों में उमा भारत सोलंकी, रचना चौधरी, कविता, सुमन, रत्ना, भारती, अमृता पिलानिया, नरेश सैनी, गजराज सिंह, जितेंद्र, संदीप वर्मा, मोनिका, आरिफ, पवन, ललिता सैनी, कांता और सुभिता सहित कई अन्य नर्सिंगकर्मी शामिल थे।