तीसरी से 8वीं के विद्यार्थी किताब पढ़ पा रहे हैं या नहीं, इसका आकलन 19 से
जिले में कक्षा तीन से 8वीं तक के विद्यार्थियों के मौखिक पठन प्रवाह का आकलन 19 से 23 जनवरी तक होगा। निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी परिपत्र में बताया कि ये बेसलाइन आकलन शाला दर्पण शिक्षक एप से किया जाएगा। आकलन के बाद विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर प्रथम, द्वितीय कालांश निर्धारित कर 100 दिवसीय पठन पुनर्सुधार कार्यक्रम प्रखर-2-0 का क्रियान्वयन होगा। आकलन के दौरान चयनित विद्यार्थियों को खुद मौखिक पठन करना होगा। इस दौरान कोई विद्यार्थी व शिक्षक सहायता नहीं कर सकेंगे। आकलन उपस्थित विद्यार्थियों को किया जाएगा। इसके लिए पीईईओ एवं यूसीईईओ स्तर से सब्जेक्ट टीचर मैपिंग 16 जनवरी तक करवानी होगी। बतादें कि 29 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान का शुभारंभ किया गया। जिले में तीसरी से 8वीं तक करीब 90 हजार विद्यार्थी हैं। सीडीईओ डॉ. संतोष महर्षि का कहना है कि तीसरी से 8वीं तक विद्यार्थियों को प्रखर सहित अलग-अलग कार्यक्रम चल रहे हैं, जिसमें उनको स्कूल स्तर पुस्तक धाराप्रवाह पढ़ना सिखाया गया। अब उसका आकलन होगा कि विद्यार्थी अपने क्लास की किताब धाराप्रवाह पढ़ पा रहा है या नहीं। इसकी वीडियो क्लिप बनेगी। चयनित विद्यार्थी का ही आकलन होगा। दूसरा शामिल नहीं हो सकता। आकलन के बाद कमजोर बच्चों को विभिन्न कैटेगरी में बांटकर सुधार करवाया जाएगा। ये पूरे प्रदेश में चलेगा।
जिले में कक्षा तीन से 8वीं तक के विद्यार्थियों के मौखिक पठन प्रवाह का आकलन 19 से 23 जनवरी तक होगा। निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी परिपत्र में बताया कि ये बेसलाइन आकलन शाला दर्पण शिक्षक एप से किया जाएगा। आकलन के बाद विद्यार्थियों को समूहों में विभाज
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आकलन के दौरान चयनित विद्यार्थियों को खुद मौखिक पठन करना होगा। इस दौरान कोई विद्यार्थी व शिक्षक सहायता नहीं कर सकेंगे। आकलन उपस्थित विद्यार्थियों को किया जाएगा। इसके लिए पीईईओ एवं यूसीईईओ स्तर से सब्जेक्ट टीचर मैपिंग 16 जनवरी तक करवानी होगी। बतादें कि 29 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान का शुभारंभ किया गया। जिले में तीसरी से 8वीं तक करीब 90 हजार विद्यार्थी हैं।
सीडीईओ डॉ. संतोष महर्षि का कहना है कि तीसरी से 8वीं तक विद्यार्थियों को प्रखर सहित अलग-अलग कार्यक्रम चल रहे हैं, जिसमें उनको स्कूल स्तर पुस्तक धाराप्रवाह पढ़ना सिखाया गया। अब उसका आकलन होगा कि विद्यार्थी अपने क्लास की किताब धाराप्रवाह पढ़ पा रहा है या नहीं। इसकी वीडियो क्लिप बनेगी। चयनित विद्यार्थी का ही आकलन होगा। दूसरा शामिल नहीं हो सकता। आकलन के बाद कमजोर बच्चों को विभिन्न कैटेगरी में बांटकर सुधार करवाया जाएगा। ये पूरे प्रदेश में चलेगा।