टोंक में 8 महीने की गर्भवती महिला की मौत:घबराहट होने पर जनाना हॉस्पिटल लेकर आए थे परिजन, इलाज के दौरान तोड़ा दम
SOURCE:Dainik Bhaskar Tech
टोंक के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 8 महीने की गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई। महिला बीपी की मरीज थी, जिसकी दवाइयां चल रही थी, लेकिन बाद भी इलाज में अनदेखी की गई। हालांकि हॉस्पिटल प्रशासन ने इलाज में कोताही से इनकार किया है। मामला जिले के जनाना हॉस्पिटल का है, जहां आज दोपहर महिला की मौत हो गई। 8 महीने की गर्भवती थी महिला
जनाना अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार- टोंक शहर के जखीरा हाल अन्नपूर्णा निवासी सायमा (23) करीब 8 महीने की गर्भवती थी। उसे आज रविवार को दर्द, घबराहट होने पर परिजन इलाज के लिए सुबह करीब 11 बजे जनाना हॉस्पिटल लेकर आए थे। हॉस्पिटल में आउटडोर के बाद डॉक्टर घर चले गए थे। ऐसे में सायमा को ड्यूटी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर इरफान ने करीब 11.57 बजे भर्ती कर लिया। उनकी लिखी दवाइयां वार्ड में मौजूद स्टाफ ने ही पेशेंट को दी थी। जानकारी के अनुसार- सायमा बीपी की भी मरीज थी और उसकी बीपी की दवाइयां भी चल रही थी। इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद सायमा को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, फिर उसे उल्टी हुई। इसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। फिर दोपहर 12.55 बजे स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनीता राजोरा को कॉल पर बुलाया गया। डॉक्टर सुनीता राजौरा 2 मिनट बाद 12.57 बजे अस्पताल पहुंच गई और मरीज की जांच की। उसे रेफर करते या कोई नया ट्रीटमेंट करते, उससे पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया और बिलख पड़े। हंगामा बढ़ता देख जनाना अस्पताल प्रभारी डॉक्टर एसएन चौधरी के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंची और समझाइश की। हालांकि सहमति के बाद करीब आधा घंटा बाद परिजन बिना पोस्टमॉर्टम करवाए महिला की बॉडी लेकर घर चले गए। मामले में प्रभारी ने लापरवाही होने से इनकार किया है। डॉक्टर बोली- 10 दिन पहले भी दिखाया था
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनीता राजोरा ने बताया- सायमा को 10 दिन पहले परिजनों ने चेकअप के हिसाब से मुझे दिखाया था। वह बीपी की भी मरीज थी। आज उसे यहां अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसे सांस लेने में प्रॉब्लम और उल्टी हुई। फिर उसकी कुछ देर में ही अचानक मौत हो गई है।
टोंक के हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 8 महीने की गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई। महिला बीपी की मरीज थी, जिसकी दवाइयां चल रही थी, लेकिन बाद भी इलाज में अनदेखी की गई। हालांकि हॉस्पिटल प्रशासन ने इलाज में कोताही से इनकार किया है। मामला जिले के जनाना हॉस्पिटल का है, जहां आज दोपहर महिला की मौत हो गई। 8 महीने की गर्भवती थी महिला
जनाना अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार- टोंक शहर के जखीरा हाल अन्नपूर्णा निवासी सायमा (23) करीब 8 महीने की गर्भवती थी। उसे आज रविवार को दर्द, घबराहट होने पर परिजन इलाज के लिए सुबह करीब 11 बजे जनाना हॉस्पिटल लेकर आए थे। हॉस्पिटल में आउटडोर के बाद डॉक्टर घर चले गए थे। ऐसे में सायमा को ड्यूटी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर इरफान ने करीब 11.57 बजे भर्ती कर लिया। उनकी लिखी दवाइयां वार्ड में मौजूद स्टाफ ने ही पेशेंट को दी थी। जानकारी के अनुसार- सायमा बीपी की भी मरीज थी और उसकी बीपी की दवाइयां भी चल रही थी। इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद सायमा को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, फिर उसे उल्टी हुई। इसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। फिर दोपहर 12.55 बजे स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनीता राजोरा को कॉल पर बुलाया गया। डॉक्टर सुनीता राजौरा 2 मिनट बाद 12.57 बजे अस्पताल पहुंच गई और मरीज की जांच की। उसे रेफर करते या कोई नया ट्रीटमेंट करते, उससे पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया और बिलख पड़े। हंगामा बढ़ता देख जनाना अस्पताल प्रभारी डॉक्टर एसएन चौधरी के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंची और समझाइश की। हालांकि सहमति के बाद करीब आधा घंटा बाद परिजन बिना पोस्टमॉर्टम करवाए महिला की बॉडी लेकर घर चले गए। मामले में प्रभारी ने लापरवाही होने से इनकार किया है। डॉक्टर बोली- 10 दिन पहले भी दिखाया था
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनीता राजोरा ने बताया- सायमा को 10 दिन पहले परिजनों ने चेकअप के हिसाब से मुझे दिखाया था। वह बीपी की भी मरीज थी। आज उसे यहां अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसे सांस लेने में प्रॉब्लम और उल्टी हुई। फिर उसकी कुछ देर में ही अचानक मौत हो गई है।