पाली में गार्ड ने लौटाई रुपयों से भरी थैली:मां का इलाज कराने आया था युवक; 8 हजार कैश रखे थे
पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में मां को दिखाने आए एक युवक की थैली गुम हो गई थी। जिसमें रुपए व अन्य दस्तावेज भी थे। गुरुवार को थैली गार्ड को मिली तो उसे वापस लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया। मां का इलाज कराने आया था दरअसल, पाली शहर के केशव नगर रहने वाला मुकेश सैन बुधवार को अपनी मां को दिखाने के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लाया था। यहां ओपीडी में 117 नंबर रूम के बाहर उसे थैली रखी जो कुछ देर बाद उसे नदारद मिली। ऐसे में हॉस्पिटल चौकी में उसने थैली गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई। गार्ड ने लौटाई इसमें बताया कि उसमें 8 हजार रुपए और कुछ दस्तावेज थे। गुरुवार को बांगड़ हॉस्पिटल के सिक्योरिटी गार्ड गोविंद सिंह को थैली मिली तो उसने खोल कर दिखा। थैली में 8 हजार और कुछ दस्तावेज थे। ऐसे में उन्हें अपने सुपरवाइजर जसराज को थैली दी। दोनों बांगड़ हॉस्पिटल चौकी पहुंचे और कॉन्स्टेबल गणपत भारती को दी। उन्होंने कॉल कर शिकायत कर्त्ता को बुलाया। और उन्हें 8 हजार रुपए और थैली वापस लौटाई तो उनकी आंखें खुशी से चमक कई और उन्होंने हॉस्पिटल के सिक्योरिटी गार्ड का आभार जताया।
पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में मां को दिखाने आए एक युवक की थैली गुम हो गई थी। जिसमें रुपए व अन्य दस्तावेज भी थे। गुरुवार को थैली गार्ड को मिली तो उसे वापस लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया।
दरअसल पाली शहर के केशव नगर रहने वाला मुकेश सैन बुधवार को अपनी मां को दिखाने के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लाया था। यहां ओपीडी में 117 नंबर रूम के बाहर उसे थैली रखी जो कुछ देर बाद उसे नदारद मिली। ऐसे में हॉस्पिटल चौकी में उसने थैली गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि उसमें आठ हजार रुपए और कुछ दस्तावेज थे। गुरुवारको बांगड़ हॉस्पिटल के सिक्योरिटी गार्ड गोविंद सिंह को थैली मिली तो उसने खोल कर दिखा। थैली में 8 हजार और कुछ दस्तावेज थे। ऐसे में उन्हें अपने सुपरवाइजर जसराज को थैली दी। दोनों बांगड़ हॉस्पिटल चौकी पहुंचे और कॉन्स्टेबल गणपत भारती को दी। उन्होंने कॉल कर शिकायत कर्त्ता को बुलाया। और उन्हें 8 हजार रुपए और थैली वापस लौटाई तो उनकी आंखें खुशी से चमक कई और उन्होंने हॉस्पिटल के सिक्योरिटी गार्ड का आभार जताया।