पशुओं के जरिए इंसानों में ज्यादा फैल रहा संक्रमण; ब्रुसेलोसिस का संक्रमण 80 और लैप्टोस्पायरोसिस का 7 प्रतिशत बढ़ा
प्रदेश में पशुओं के जरिए इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के मामलों में बीते पांच वर्षों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2025 में ब्रुसेलोसिस और लैप्टोस्पायरोसिस के मामलों में संक्रमण तेजी से फैलने के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। वर्ष 2025 में प्रदेश भर में ब्रुसेलोसिस के 780 और चूहों के यूरीन से लैप्टोस्पायरोसिस के 296 मामले सामने आए। यह ब्रुसेलोसिस में करीब 80 प्रतिशत और लैप्टोस्पायरोसिस में 7.25 प्रतिशत बढ़े है। ब्रुसेलोसिस के सबसे ज्यादा बीकानेर में पाए जाने पर पहले और जयपुर में 169 मिलने पर दूसरे नंबर पर है। लैप्टोस्पायरोसिस के जयपुर में 65 पॉजिटिव पाए जाने पर पहले और बीकानेर में 24 मिलने पर दूसरे नंबर पर है। उल्लेखनीय है कि पशुओं के जरिए इंसान में होने वाली बीमारियों में स्क्रब टाइफस, ब्रुसेलोसिस एवं लैप्टोस्पायरोसिस है। पिछले साल स्क्रब टाइफस के प्रदेश भर में 2991 पॉजिटिव मिले है। 1.ब्रूूसेलोसिस : जीनस ब्रूसेला के बैक्टीरिया समूह से फैलने वाली जानलेवा नहीं होती। संक्रमित माता के ब्रेस्ट फीडिंग से शिशुओं में संक्रमण हो सकता है। 2.लेप्टोस्पायरोसिस : चूहों की संख्या बढ़ने से जीवाणुओं का फैलना आसान हो जाता है। संक्रमित चूहों के मूत्र (यूरीन) में बड़ी मात्रा में लेप्टोस्पायर्स होते हैं। प्रभावित जिले 1.ब्रूसेलोसिस : 41 में से 37 जिले। अजमेर, अलवर, बालोतरा, जयपुर, बांसवाड़ा, बांरा, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तोड़गढ़, चूरू, दौसा, धोलपुर, डीडवाना-कुचामन, जैसलमेर, झालावाड़, झुन्झुनू, जोधपुर, करौली, खैरथल, तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, फलौदी, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, श्रीगंगानगर, सलूम्बर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर। 2.लेप्टोस्पायरोसिस : 41 में से 28 जिले। अजमेर, अलवर, बांरा, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, सिरोही, टोंक, उदयपुर, श्रींगंगानगर, नागौर, पाली आदि।
प्रदेश में पशुओं के जरिए इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के मामलों में बीते पांच वर्षों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2025 में ब्रुसेलोसिस और लैप्टोस्पायरोसिस के मामलों में संक्रमण तेजी से फैलने के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया
