पहली छमाही में लोन के 84,822 आवेदन, 34% खारिज
केंद्र सरकार की फ्लैगशिप स्कीम पीएम सूर्य घर योजना के तहत मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान राजस्थान में बैंकों को मिले लोन आवेदनों में करीब 50 फीसदी को ही 676.41 करोड़ रुपए का लोन दिया गया गया, जबकि लगभग 34% आवेदन खारिज कर दिए गए। हैरानी वाली बात यह है कि राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की बैठक में योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लोन देने के निर्देश के बावजूद बैंकों का रवैया सुस्त रहा। वहीं, निजी क्षेत्र के बैंकों एचडीएफसी और आईडीबीआई बैंक को छोड़कर अन्य निजी बैंकों को लोन आवेदन ही नहीं मिले। छोटे वित्त बैंक, भुगतान बैंक और सहकारी बैंकों को न आवेदन मिला ना लोन दिया। एसएलबीसी के 30 सितंबर, 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत बैंकों को पहली छमाही में 84,822 आवेदन मिले। इनमें से 44,939 आवेदकों को 724.89 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया। इनमें से 42,267 को लोन दिया गया है। 8,761 यानी 10.3 फीसदी आवेदन लंबित हैं, जबकि 29,148 यानी 34% खारिज कर दिए गए। एसएलबीसी संयोजक ने भी 34 फीसदी आवेदन खारिज किए राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी यानी एसएलबीसी के संयोजक बैंक ऑफ बड़ौदा को मिले 10,071 आवेदनों से केवल 5,773 स्वीकृत किए गए। 3,388 यानी लगभग 34% आवेदन खारिज कर दिए गए। 98 फीसदी निजी बैंकों ने दिया लोन, आवेदन भी नहीं मिले प्रदेश में 98% निजी बैंकों की योजना में कोई भूमिका नहीं रही है। एचडीएफसी बैंक को मिले 18 आवेदनों के तहत 12 को लोन दिया गया। वहीं, आईडीबीआई बैंक को मिले सभी 14 आवेदन स्वीकृत किए गए। बैंक से कम ब्याज पर ऋण: योजना में सोलर पैनल लगवाने के लिए बैंकों द्वारा 6 से 7 फीसदी सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर रियायती ऋण दिए जा रहे हैं। इसमें 3 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए गारंटी की जरूरत नहीं होती। ऋण चुकाने की अवधि 120 महीने तक हो सकती है। बैंक जीरो प्रोसेसिंग फीस ले रहे हैं। रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट पर सरकार से सब्सिडी योजना के तहत केंद्र सरकार 1 किलोवाट के प्रोजेक्ट के लिए 30,000, 2 किलोवाट के लिए 60,000 आैर 3 किलोवाट या अधिक के लिए 78,000 रुपए की एकमुश्त सब्सिडी देती है। राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना के लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दे रही है। इसमें 1.1 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले सोलर प्लांट पर राज्य सरकार 17,000 की अतिरिक्त सब्सिडी देती है। इस तरह उपभोक्ता को कुल 95,000 रुपए की सब्सिडी मिलती है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को योजना के तहत 43,654 ऋण आवेदन मिले, इनमें से 55.5% यानी 24,249 आवेदन ही स्वीकृत किए गए। 15,091 को खारिज कर दिया गया। एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा ने 55 फीसदी आवेदकों को ही लोन मंजूर किया बड़ी संख्या में लोन आवेदन खारिज करना चिंताजनक : आरएसए