जोधपुर व नागौर में सर्वाधिक 9-9 विद्यालय, दौसा में 7 और जयपुर व जालौर में 6-6 विद्यालय बंद किए गए
प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के 101 स्कूलों में शून्य नामांकन होने के बाद शिक्षा विभाग ने इन्हें माध्यमिक शिक्षा के सीनियर स्कूलों में मर्ज कर दिया है। हालांकि अभी इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व अन्य स्टाफ को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इसे लेकर सीनियर स्कूलों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश में सर्वाधिक जोधपुर व नागौर में प्रारंभिक विद्यालय मर्ज किए गए हैं। जिले के पांच प्राथमिक विद्यालयों को शून्य नामांकन की वजह से बंद किया गया है। प्रदेश में शिक्षा विभाग ने 29 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज किया है। इसमें छह जिलों में एक-एक, सात जिलों में दो-दो, दो जिलों में तीन-तीन, सात जिलों में चार-चार, दो जिलों में पांच-पांच, दो जिलों में छह-छह, एक जिले में सात और दो जिलों में नौ-नौ प्रारंभिक विद्यालय बंद हो गए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक शिक्षा के शून्य नामांकन वाले विद्यालयों में सर्वाधिक नौ-नौ विद्यालय जोधपुर व नागौर जिलों के है। इसके बाद दौसा में सात, जयपुर और जालौर में छह-छह, झुंझुनूं व कोटपूतली-बहरोड में पांच-पांच, बीकानेर, कुचामन-डीडवाना, करौली, फलौदी, सलंबूर, सीकर व टोंक में चार-चार, डूंगरपुर व श्रीगंगानगर में तीन-तीन, अजमेर, बालोतरा, बाड़मेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, झालावाड़ और सवाईमाधोपुर में दो-दो प्राथमिक विद्यालय बंद किए है। वहीं अलवर, बारां, ब्यावर, चूरू, पाली और राजसमंद में एक-एक विद्यालय को सीनियर स्कूल में मर्ज कर दिया गया है। जिले में उदयपुरवाटी में दो, नवलगढ़, पिलानी और सिंघाना ब्लॉक का एक-एक विद्यालय बंद किया : शिक्षा विभाग ने जिले में प्रारंभिक शिक्षा के पांच विद्यालयों का सीनियर स्कूल में एकीकरण किया है। इसमें उदयपुरवाटी के दीपपुरा ग्राम पंचायत के राप्रावि अगुणी ढाणी का सीनियर स्कूल दीपपुरा व सीथल ग्राम पंचायत के राप्रावि खातियों की जोहड़ी को एनटी पोद्दार राजकीय बालिका स्कूल में मर्ज हुआ है। नवलगढ़ में बिरोल के राप्रावि रामधन की ढाणी को राउमावि बिरोल, पिलानी में देवरोड़ के राप्रावि ढकरवाल को राउमा विद्यालय भोबिया तथा सिंघाना की भैसावता खुर्द ग्राम पंचायत के राप्रावि जयमल का बास को राउमावि भैसावता खुर्द में मर्ज किया गया है। सीनियर स्कूल के प्रधानाचार्य को दिया शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य का जिम्मा : शिक्षा विभाग ने सीनियर स्कूलों में मर्ज किए सभी प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों का जिम्मा सीनियर स्कूल के प्रधानाचार्य को सौंपा है। प्रशासनिक नियंत्रण के साथ इन स्कूलों के शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रधानाचार्य पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे। वहीं मर्ज स्कूल की परिसंपत्ति भूमि, भवन, खेल मैदान, फर्नीचर, शैक्षिक उपकरण, स्थाई व अस्थाई परिसम्पति, उपयोगी एवं अनुपयोगी सामग्री का हस्तांतरण स्वत: सीनियर स्कूल में होगा। सीनियर स्कूलों को पदों की संख्या निर्धारण कर माध्यमिक शिक्षा में अतिरिक्त पदों के सृजन के साथ प्रारंभिक शिक्षा में मर्ज स्कूलों के स्वीकृत पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव मांगे हैं।