कोटपूतली-बहरोड़ में मावठ से किसानों को फायदा:साल की शुरुआत में ही हो रही बारिश, न्यूनतम तापमान 9 डिग्री
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नए साल के पहले दिन हुई मावठ से किसानों को बड़ी राहत मिली है। लगातार दूसरे दिन बादल छाए रहने और बारिश होने से रबी की फसलों को फायदा हुआ है, हालांकि इससे सर्दी का प्रकोप भी बढ़ गया है। पावटा, नारेड़ा, पनियाला और विराट नगर उपखंड इलाकों में कल से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मान्यवाली निवासी किसान रामनिवास और गिरधारी ने बताया कि यह मावठ चना, सरसों, गेहूं और जौ जैसी रबी की फसलों के लिए अमृत समान है। यह इस सीजन की पहली मावठ है। मावठ के साथ ही क्षेत्र में सर्दी का असर भी तेज हो गया है। कोटपूतली में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तापमान में इस गिरावट से ठिठुरन बढ़ गई है। आज सुबह से ही कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम और सर्द हो गया। कृषि उपनिदेशक डॉ. रामजी लाल यादव ने बताया कि यह मावठ गेहूं, सरसों, आलू और मटर जैसी फसलों के लिए खाद के समान असरदार है, जिससे किसानों की लागत में काफी बचत होगी। मावठ का पानी फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होता है।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नए साल के पहले दिन हुई मावठ से किसानों को बड़ी राहत मिली है। लगातार दूसरे दिन बादल छाए रहने और बारिश होने से रबी की फसलों को फायदा हुआ है, हालांकि इससे सर्दी का प्रकोप भी बढ़ गया है।
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पावटा, नारेड़ा, पनियाला और विराट नगर उपखंड इलाकों में कल से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मान्यवाली निवासी किसान रामनिवास और गिरधारी ने बताया कि यह मावठ चना, सरसों, गेहूं और जौ जैसी रबी की फसलों के लिए अमृत समान है। यह इस सीजन की पहली मावठ है।
मावठ के साथ ही क्षेत्र में सर्दी का असर भी तेज हो गया है। कोटपूतली में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तापमान में इस गिरावट से ठिठुरन बढ़ गई है।
आज सुबह से ही कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम और सर्द हो गया।
कृषि उपनिदेशक डॉ. रामजी लाल यादव ने बताया कि यह मावठ गेहूं, सरसों, आलू और मटर जैसी फसलों के लिए खाद के समान असरदार है, जिससे किसानों की लागत में काफी बचत होगी। मावठ का पानी फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होता है।